उत्तराखंड सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर एक्शन मोड में प्रशासन, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू,,,

देहरादून। महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। शनिवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए।
“30 मई तक हर हाल में देनी होगी अनुपालन आख्या, 10 से अधिक कार्मिक वाले कार्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य”
उन्होंने स्पष्ट किया कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सरकारी व सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🟢 आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन और जागरूकता पर जोर
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने निर्देश दिए कि तहसील, विकासखंड, ग्राम पंचायत एवं निकाय स्तर के उन सभी कार्यालयों में, जहाँ 10 या उससे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं, वहाँ तत्काल ‘आंतरिक शिकायत समिति’ (ICC) का गठन किया जाए। इसके साथ ही:
- कार्यालयों में महिला लैंगिक उत्पीड़न से बचाव और निवारण संबंधी जागरूकता के लिए बिलबोर्ड स्थापित करना अनिवार्य होगा।
- महिला सहायता हेल्पलाइन नंबर 181 एवं आपातकालीन सेवा नंबर 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा।
🟢 शौचालयों में वेंडिंग मशीनें और 50 से अधिक महिला कार्मिकों पर क्रेच केंद्र अनिवार्य
महिला कार्मिकों की व्यक्तिगत स्वच्छता और कामकाजी माताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीडीओ ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए:
- सभी कार्यालयों के शौचालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन एवं इंसीनेरेटर स्थापित किए जाएं।
- मातृत्व अधिकारों के तहत धात्री माताओं के लिए अमृत कक्ष (फीडिंग रूम), स्वच्छ शौचालय एवं योग कक्ष की व्यवस्था की जाए।
- जिस भी सार्वजनिक भवन में 50 या उससे अधिक महिला कार्मिक कार्यरत हैं, वहाँ अनिवार्य रूप से एक शिशु गृह (क्रेच केंद्र) स्थापित किया जाए।
🟢 परिवहन, शिक्षा और पर्यटन विभागों को विशेष निर्देश
प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों पर भी महिलाओं की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने का खाका खींचा है। परिवहन, शिक्षा एवं पर्यटन विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे:
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- बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, धार्मिक स्थल एवं सार्वजनिक पार्कों में प्राथमिकता के आधार पर सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, इंसीनेरेटर एवं अमृत कक्ष (फीडिंग रूम) की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
🟢 समय सीमा और जवाबदेही
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि 30 मई 2026 तक निर्धारित प्रारूप में अनुपालन आख्या (Compliance Report) अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। नियत समय तक आख्या न देने वाले विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित दिशा-निर्देशों एवं उनके कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
