उत्तराखंड चार धाम यात्रा पर पड़ा खाड़ी युद्ध और गैस किल्लत का साया, हरिद्वार में चारधाम यात्रा में ट्रैवल और होटल कारोबार सुस्त,,,

हरिद्वार: उत्तराखंड की आर्थिक रीढ़ मानी जाने वाली चारधाम यात्रा के आगाज़ के बीच हरिद्वार के पर्यटन कारोबार से चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। अप्रैल माह बीतने के बावजूद स्थानीय ट्रैवल कारोबारियों को इस बार वैसी एडवांस बुकिंग नहीं मिली है, जैसी अमूमन हर साल देखने को मिलती थी। खाड़ी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ते गैस के दामों और स्थानीय स्तर पर गैस की किल्लत ने तीर्थयात्रियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
ट्रैवल कारोबार पर दोहरी मार

हरिद्वार के ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, इस वर्ष एडवांस बुकिंग और पूछताछ (Inquiries) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे मुख्य कारण खाड़ी देशों में जारी तनाव और उससे प्रभावित होती ईंधन की कीमतें हैं। गैस सिलेंडर की कमी और पेट्रोल-डीजल के दामों में संभावित बढ़ोतरी की अफवाहों ने बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को यात्रा प्लान करने के प्रति सशंकित कर दिया है।
होटल उद्यमियों की बढ़ी चिंता

होटल कारोबार भी इस अनिश्चितता से अछूता नहीं है। होटल संचालकों का कहना है कि वे पहले से ही बढ़ती लागत और गैस की कमी से जूझ रहे हैं, और अब कम बुकिंग ने उनकी मुश्किलों को दोगुना कर दिया है।
होटल कारोबारी अखिलेश चौहान ने सरकार से इस दिशा में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा:
”सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बाहरी कारकों की वजह से स्थानीय चारधाम यात्रा कारोबार प्रभावित न हो। व्यापारियों को राहत देने के लिए बिजली, पानी और सीवर टैक्स जैसे बुनियादी करों में छूट दी जानी चाहिए ताकि पर्यटन उद्योग इस संकट से उबर सके।”
सरकार से राहत की उम्मीद

पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि यदि समय रहते सरकार ने ईंधन और गैस की आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की और व्यापारियों को आर्थिक पैकेज या टैक्स में राहत नहीं दी, तो इस वर्ष का यात्रा सीजन हरिद्वार के व्यापारियों के लिए वित्तीय घाटे का सबब बन सकता है।
