देश – दुनिया, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, पेट्रोल-डीजल पर तेल कंपनियों को भारी घाटा, पर प्रमुख शहरों में दाम स्थिर,,,,

नई दिल्ली। 02 मई, 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है, जिसके चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें एक बार फिर ‘सातवें आसमान’ पर पहुँच गई हैं। जहाँ एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं भारतीय घरेलू बाजार में तेल कंपनियों ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा है।
कच्चे तेल के भाव में तेजी
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे यह $111.70 प्रति बैरल के स्तर पर पहुँच गया है। हालांकि, यह गुरुवार को दर्ज किए गए चार साल के उच्चतम स्तर ($126.41) के मुकाबले काफी कम है। इसी क्रम में, अमेरिकी क्रूड (U.S. Crude) भी 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ $105.64 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
तेल कंपनियों पर बढ़ता वित्तीय बोझ
कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और स्थिर घरेलू खुदरा दरों के बीच तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार:
- पेट्रोल: कंपनियों को प्रति लीटर बिक्री पर लगभग ₹14 का नुकसान हो रहा है।
- डीजल: डीजल पर यह घाटा और भी अधिक, लगभग ₹18 प्रति लीटर तक पहुँच गया है।
लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते इस अंतर के बावजूद, सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
प्रमुख महानगरों में आज के भाव
देश के बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें आज भी पुराने स्तर पर ही बनी हुई हैं:

|
शहर |
पेट्रोल (₹/लीटर) |
डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
|
नई दिल्ली |
₹94.77 |
₹87.67 |
|
मुंबई |
₹103.54 |
₹90.03 |
|
कोलकाता |
₹105.41 |
₹92.02 |
|
चेन्नई |
₹100.80 |
₹92.39 |
|
बेंगलुरु |
₹102.92 |
₹90.99 |
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार रहता है और कच्चे तेल की कीमतें $110 के ऊपर टिकी रहती हैं, तो आने वाले समय में तेल कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि पंपों पर कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
