उत्तराखंड में ‘आसमान से बरस रही आग’, मैदानों में लू का प्रकोप, पहाड़ों में भी गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड,,,,,

देहरादून। 21 अप्रैल, 2026, उत्तराखंड में इस वर्ष मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। सुकून और ठंडक के लिए पहचाने जाने वाले पहाड़ इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मैदानी जिलों से लेकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों तक तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मैदानी इलाकों में पारा 39°C के पार

राज्य के मैदानी क्षेत्रों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। चिलचिलाती धूप और शुष्क हवाओं ने ‘लू’ (Heatwave) जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
- पंतनगर: यहाँ अधिकतम तापमान 39°C तक पहुँच गया है, जो सामान्य से कहीं अधिक है।
- देहरादून: राजधानी में भी पारा 37°C दर्ज किया गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है क्योंकि लोग हीट स्ट्रोक के डर से घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
पहाड़ों में अप्रत्याशित तपिश
आमतौर पर पर्यटक गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों का रुख करते हैं, लेकिन इस बार पर्वतीय जनपदों में भी स्थिति अलग नहीं है। तेज धूप के कारण स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण शुष्कता बढ़ गई है।
चारधाम यात्रा और मौसम की चुनौती
चारधाम यात्रा के उत्साह के बीच मौसम की मार श्रद्धालुओं की परीक्षा ले रही है। हालांकि मुख्य धामों में तापमान मैदानी इलाकों की तुलना में कम है, लेकिन यात्रा मार्गों (Transit routes) पर पड़ रही भीषण गर्मी और कड़ी धूप तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां खड़ी कर रही है।
राहत की उम्मीद और पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क ही रहेगा। हालांकि, कुछ जिलों के लिए आंशिक राहत की संभावना जताई गई है:

विशेषज्ञों की सलाह: मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने, सूती कपड़े पहनने और शरीर में पानी की कमी न होने देने (हाइड्रेटेड रहने) की सलाह दी है।
