उत्तराखंड गैस की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध रिफिलिंग मामले में की FIR दर्ज,,,,

देहरादून। जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर ऋषिकेश क्षेत्र के बनखंडी में एक वाहन में अवैध गैस रिफिलिंग के मामले की जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में पाया गया कि वाहन संख्या UK14CA-6186 ऋषिकेश स्थित अंकुर गैस एजेंसी से संबंधित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी का औचक निरीक्षण किया गया। एजेंसी प्रबंधन ने बताया कि संबंधित चालक योगेन्द्र कुमार और उसके सहयोगी आशीष को वीडियो सामने आने के बाद कार्य से हटा दिया गया है। हालांकि, जांच के दौरान यह सामने आया कि इन दोनों व्यक्तियों के सत्यापन या नियुक्ति से जुड़े कोई वैध अभिलेख एजेंसी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे एजेंसी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
जांच में पाया गया कि वाहन संख्या UK14CA-6186 ऋषिकेश स्थित अंकुर गैस एजेंसी से संबंधित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी का औचक निरीक्षण किया गया। एजेंसी प्रबंधन ने बताया कि संबंधित चालक योगेन्द्र कुमार और उसके सहयोगी आशीष को वीडियो सामने आने के बाद कार्य से हटा दिया गया है। हालांकि, जांच के दौरान यह सामने आया कि इन दोनों व्यक्तियों के सत्यापन या नियुक्ति से जुड़े कोई वैध अभिलेख एजेंसी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे एजेंसी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

क्यूआरटी टीम द्वारा अभिलेखों की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि 12 अप्रैल 2026 तक उक्त वाहन और चालक को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जारी थी। इसके आधार पर प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026 के तहत वाहन चालक योगेन्द्र कुमार, उसके सहयोगी आशीष और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गैस की कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग और उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी गैस एजेंसियों को अपने कर्मचारियों का अनिवार्य सत्यापन कराने और वितरण प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) को एजेंसियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित कंट्रोल रूम के माध्यम से एलपीजी आपूर्ति संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 जारी किए गए हैं। अब तक कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जिला खाद्य पूर्ति विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज जनपद में लगभग 16,275 घरेलू और 817 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए हैं, जबकि वर्तमान में 28,937 घरेलू और 4,745 व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा मांग को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति को लगातार बढ़ाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गैस की कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग और उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी गैस एजेंसियों को अपने कर्मचारियों का अनिवार्य सत्यापन कराने और वितरण प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRT) को एजेंसियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा संचालित कंट्रोल रूम के माध्यम से एलपीजी आपूर्ति संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 जारी किए गए हैं। अब तक कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। जिला खाद्य पूर्ति विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज जनपद में लगभग 16,275 घरेलू और 817 व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए हैं, जबकि वर्तमान में 28,937 घरेलू और 4,745 व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा मांग को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति को लगातार बढ़ाया जा रहा है।
