उत्तराखंड गैस संकट के बीच बड़ी राहत की खबर प्रदेश के 15,000 घरों को मिली गैस के संकट से मिली राहत,,,,

देहरादून: गैस सिलिंडर को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच उत्तराखंड में सूरज की रोशनी से चालित सोलर रसोई प्रेरित कर रही है।
यह रसोई अद्भुत है। इसमें न आग है, न धुआं और न ही कोई पारंपरिक ईंधन प्रयोग होता है। सोलर रसोई में 15 हजार से अधिक घरों-संस्थानों का भोजन तैयार हो रहा है।
इस समय गैस सिलिंडर की कितनी ही किल्लत हो, इन परिवारों और संस्थानों को कोई चिंता नहीं है।
इनकी रसोई में डिश टाइप सोलर कुकर और सोलर स्टीम कुकिंग सिस्टम बिना ईंधन भोजन पका रहा है।
उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण वर्षों से सोलर कुकिंग तकनीकों को प्रोत्साहित कर रहा है। घरेलू उपयोग के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों में सोलर कुकर पर मिड-डे मील तैयार किया जा रहा है।
गढ़वाल व कुमाऊं के कई जिलों में इस तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। पहाड़ पर अच्छी धूप खिलने के कारण सौर ऊर्जा आधारित कुकिंग बड़ी उपयोगी साबित हो रही है। इससे ईंधन पर निर्भरता कम हुई है। रसोई गैस की अस्थायी किल्लत के बीच सूरज की रसोई भविष्य का रास्ता भी दिखा रही है।
🟢 दर्पणों से सूर्य की किरणों को केंद्रित कर भोजन पकाते
घरेलू उपयोग के लिए बाक्स टाइप सोलर कुकर का प्रयोग किया जा रहा है। इसमें धातु के बाक्स की भीतरी सतह को काले रंग से रंगा जाता है, जिससे सूर्य की गर्मी अधिक अवशोषित होती है।
ऊपर लगे पारदर्शी कांच से सूर्य की किरणें भीतर आती हैं, लेकिन गर्मी बाहर नहीं निकलती और तापमान बढ़ने से भोजन पकता है।
बड़े संस्थानों और सामूहिक रसोई के लिए सोलर स्टीम कुकिंग सिस्टम प्रयोग किया जा रहा है। इसमें दर्पणों से सूर्य की किरणों को केंद्रित कर उच्च तापमान उत्पन्न किया जाता है और भाप से बड़े पैमाने पर भोजन तैयार किया जाता है।
🟢 इन संस्थानों में लगे सोलर स्टीम सिस्टम-कुकर-
संस्थान, उपयोग -क्षमता (वर्ग मी) – सिस्टम की संख्या
शांतिकुंज, हरिद्वार – 1000 लोग के भोजन के लिए – 160 – 1
गौ तीर्थ आश्रम, कोटेश्वर (टिहरी)- गौमूत्र आसवन- 16- 1
जिंदल रिफाइनरी, काशीपुर -30,000 लीटर पानी गर्म करने के लिए – 480 — 1
आइआइटी, रुड़की – हास्टल में भोजन पकाने के लिए – 976 – 9
यूनिक होटल एंड रेस्टोरेंट, देहरादून – पानी गर्म करने के लिए – 80 – 1
स्वामी रामतीर्थ मिशन, देहरादून —भोजन पकाने के लिए – 16 – 1
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, शिकारपुर (हरिद्वार) – 300 बच्चों के भोजन के लिए – 64 – 1
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, चौनोलिया (अल्मोड़ा) -300 बच्चों के भोजन के लिए -64 वर्ग मी. —1
ईको ग्लोबल गर्ल्स इंटरनेशनल स्कूल, देहरादून – सामूहिक उपयोग – 256 – 1
टीटीके प्रेस्टिज लिमिटेड, रुड़की – नान इमेजिंग कंसन्ट्रेटर – 195 – 1
सोलर कुकर और सोलर स्टीम कुकिंग सिस्टम बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। हजारों परिवार व संस्थान सौर ऊर्जा से भोजन पका रहे हैं। आगामी वर्षों में सोलर कुकिंग सिस्टम का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिकतम घरों और संस्थानों को लाभ मिल सके। :आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव, ऊर्जा
