उत्तराखंड में प्राकृतिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने की मुहिम तेज, ‘एक जिला-एक नदी’ कार्यक्रम के तहत 11 नदियों के लिए 44 करोड़ जारी,,,

देहरादून: उत्तराखंड में प्राकृतिक जलस्रोतों और नदियों को नया जीवन देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी मुहिम को और अधिक तेज कर दिया है। जलागम विभाग के अंतर्गत गठित स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथारिटी (सारा) द्वारा शुरू किए गए ‘एक जिला-एक नदी’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले से एक-एक महत्वपूर्ण नदी का चयन किया गया है।
🟢 44 करोड़ रुपये की राशि जारी और विशेषज्ञों की नियुक्ति
नदियों के संरक्षण और उनकी कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अब तक 11 नदियों हेतु 44 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। इन तमाम कार्यों को स्थानीय निवासियों को विश्वास में लेकर पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखने के लिए विशेष रूप से विशेषज्ञों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
🟢 जल संरक्षण संरचनाओं का होगा निर्माण
नदी संरक्षण से जुड़ी इन एक से तीन साल की कार्ययोजनाओं का मुख्य उद्देश्य नदियों के जल प्रवाह को निरंतर बनाए रखना और उनके जलागम क्षेत्रों को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत जलसमेट क्षेत्रों में चाल-खाल, डैम, खंती, तालाब और बड़े पैमाने पर पौधारोपण जैसे जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे, जिससे वर्षाजल को सहेजने और भूजल स्तर को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी।
🟢 सहायक धाराओं को भी मिलेगा नवजीवन
इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य नदियों के साथ-साथ उनकी सहायक नदियों और छोटी जलधाराओं को भी खास प्राथमिकता दी गई है। जलसमेट क्षेत्रों में पानी को रोककर जमीन के भीतर उतारने से सूखते हुए जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने में काफी सहायता मिलेगी। यह पहल गर्मियों के मौसम में नदियों के घटते जलस्तर को थामने के साथ ग्रामीण इलाकों में पेयजल और सिंचाई की आपूर्ति सुगम बनाने में बहुत मददगार साबित होगी।
🟢 चयनित नदियों की सूची और आगे की तैयारी
इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों की नदियों का चयन किया गया है, जिनमें बागेश्वर (गरुड़ गंगा), चमोली (चंद्रभागा), चंपावत (गौड़ी), देहरादून (गडूल/सौंग), हरिद्वार (पथरी), नैनीताल (शिप्रा-गौला), पौड़ी (नयार पूर्वी), पिथौरागढ़ (घुरगतिया-तितरगाड/पूर्वी रामगंगा), रुद्रप्रयाग (पनार), टिहरी (सौंग), ऊधम सिंह नगर (फीका) और उत्तरकाशी (कमल) शामिल हैं। वर्तमान में बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर जिलों में चयनित नदियों की डीपीआर (DPR) तैयार की जा रही है, जबकि शेष जिलों के लिए बजट जारी कर कार्य आरंभ किए जा रहे हैं।
