हरिद्वार जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वर महाराज ने मुख्यमंत्री की पुस्तकालय योजना की सराहना कर दिया शिक्षा में सनातन दर्शन को शामिल करने पर जोर,,,

हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वरश्रम ने मुख्यमंत्री की पुस्तकालय योजना की मुक्तकंठ से सराहना की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल कागजी डिग्री तक सीमित न रहकर उसे बहुमुखी बनाना होना चाहिए। सोमवार को मुख्यमंत्री सतपाल महाराज के आध्यात्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जगद्गुरु ने यह विचार व्यक्त किए।
🟢 शिक्षा का अर्थ सिर्फ नौकरी मांगना नहीं: जगद्गुरु
जगद्गुरु ने चिंता व्यक्त की कि स्वतंत्रता के बाद साक्षरता तो बढ़ी है, लेकिन वास्तविक शिक्षा का अर्थ केवल नौकरी मांगना नहीं है। देश में राम, कृष्ण और गांधी जैसी विभूतियां तभी पैदा होंगी जब शिक्षा बहुमुखी बनेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा स्थापित विशेष पुस्तकालय उत्तराखंड के समान नागरिक संहिता जैसे निर्णयों के अनुसरण योग्य हैं।
🟢 पुस्तकालयों में सनातन धर्म के मूल ग्रंथों का अध्ययन हो अनिवार्य

जगद्गुरु ने सुझाव दिया कि पुस्तकालयों के नाम पर केवल पाश्चत्य दर्शन की पुस्तकें ही नहीं होनी चाहिए। सनातन धर्म के वेद, पुराण और उपनिषदों का अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में पुस्तकालय सुविधा होने के साथ ही शिक्षा में समानता के लिए सनातन धर्म के मूल मौलिक दर्शन की पुस्तकें भी शामिल की जानी चाहिए।
