उत्तराखंड, सऊदी अरब में 8 साल से फंसे इंद्रमणि की वतन वापसी की आस, लक्ष्य पूरा करने के लिए अब भी 49 लाख रुपये की दरकार,,,,

देहरादून। करीब आठ वर्षों से सऊदी अरब में फंसे उत्तराखंड के इंद्रमणि नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए चल रहा जन-सहयोग अभियान अब एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुका है। उनकी सुरक्षित वतन वापसी के लिए अब तक लगभग 1.80 करोड़ रुपये की बड़ी राशि जुटाई जा चुकी है, हालांकि तय लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अभी भी करीब 49 लाख रुपये की और आवश्यकता है।
🟢 बेटी दीपिका का संघर्ष और परिवार की गुहार

इंद्रमणि की बेटी दीपिका अपने पिता को सकुशल वापस देश लाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं। परिवार के सामने अब शेष रकम की व्यवस्था करने के साथ-साथ वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया को पूरा कराने की बड़ी चुनौती है। इस मुश्किल घड़ी में परिवार ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और विभिन्न जनप्रतिनिधियों से लगातार मदद की गुहार लगाई है।
🟢 शासन स्तर पर भी तेज हुए प्रयास
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासनिक स्तर पर भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विदेश मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और आवश्यक कूटनीतिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि पीड़ित की सुरक्षित घर वापसी का रास्ता साफ हो सके।
🟢 जनसहयोग से जगी घर लौटने की उम्मीद
परिवार और इस अभियान से जुड़े लोगों को पूरी उम्मीद है कि आम जनता के सामूहिक सहयोग और सरकारी प्रयासों के बलबूते शेष 49 लाख रुपये की राशि भी जल्द जुटाई जा सकेगी। इस वित्तीय बाधा के दूर होते ही लगभग आठ वर्षों से परदेस में फंसे इंद्रमणि नौटियाल के अपने परिवार के बीच लौटने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
