उत्तराखंड फिर से बदलेगा मौसम का मिज़ाज, मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किया बारिश और बर्फबारी का अलर्ट,,,,

देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम का अस्थिर दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार 13 मार्च को राज्य के कई ऊंचाई वाले इलाकों में फिर से बारिश, बर्फबारी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। विभाग ने विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। हालांकि राज्य के मैदानी जिलों में आज मौसम सामान्य रहने की संभावना है और यहां आसमान अधिकतर साफ तथा मौसम शुष्क बना रहेगा।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज खराब मौसम का असर सीमित क्षेत्रों तक रहेगा। एक दिन पहले जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई थी, उनमें देहरादून, अल्मोड़ा और टिहरी भी शामिल थे, लेकिन शुक्रवार को केवल उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ही मौसम खराब रहने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहने के बावजूद पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाओं का असर महसूस किया जा सकता है।
मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण देखा जा रहा है। बीते सप्ताह 7 मार्च के बाद से राज्य के लगभग 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बारिश और बर्फबारी का सिलसिला चल रहा था। बाद में इसका प्रभाव 3800 मीटर तक के इलाकों में भी देखने को मिला। शुक्रवार 13 मार्च को भी इसी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों, जिनमें बद्रीनाथ और केदारनाथ क्षेत्र भी शामिल हैं, वहां मौसम में अभी कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वहीं हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, देहरादून, पौड़ी, चंपावत और अल्मोड़ा जैसे जिलों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं का प्रभाव इन क्षेत्रों में भी महसूस किया जा सकता है।
आने वाले दिन में मौसम के दायरे में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार 14 मार्च को खराब मौसम का क्षेत्र और बढ़ सकता है। उस दिन 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इस दायरे में रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिले शामिल रहेंगे।
12 मार्च को जारी पूर्व चेतावनी के दौरान इन पांच जिलों के अलावा देहरादून, टिहरी और अल्मोड़ा में भी बारिश, बर्फबारी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई थी। पिछले एक सप्ताह से जारी इस अस्थिर मौसम का असर खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ता देखा जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी जिलों के 3500 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहेगा, जबकि उधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी और चंपावत जैसे मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, जिससे धूप में अपेक्षित गर्माहट महसूस नहीं होगी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग इन दिनों पहाड़ी इलाकों में यात्रा या ट्रैकिंग की योजना बना रहे हैं, उन्हें मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को भी ठंडी हवाओं से बचाव के लिए विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
