उत्तराखंड 8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ी हलचल: DA फॉर्मूले में बदलाव की मांग तेज, कर्मचारियों ने रखीं कई अहम मांगें,,,,

देहरादून। देश में 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। महंगाई भत्ता (DA) की गणना के मौजूदा फॉर्मूले में बदलाव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) समेत कई कर्मचारी संगठनों ने सरकार से वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर इसे मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाने की मांग की है।
🟢 महंगाई के अनुरूप नहीं मौजूदा फॉर्मूला
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान DA गणना प्रणाली बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को सही तरीके से नहीं दर्शाती। उनके अनुसार मौजूदा फॉर्मूला काफी पुराना हो चुका है और इसमें आज के समय के कई जरूरी खर्चों को शामिल नहीं किया गया है।
🟢 सुझाव देने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ी
8वें वेतन आयोग से जुड़े 18 सवालों वाले प्रश्नपत्र पर सुझाव देने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है। इसी बीच महंगाई भत्ते के फॉर्मूले में बदलाव की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।
🟢 कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। इनमें परिवार की उपभोग इकाई को तीन से बढ़ाकर पांच सदस्य करना, इंटरनेट, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं जैसे आधुनिक खर्चों को गणना में शामिल करना, महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज करना और बेहतर फिटमेंट फैक्टर तय करना शामिल है। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग भी उठाई गई है।
🟢 अभी कैसे तय होता है DA
वर्तमान में महंगाई भत्ते की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर की जाती है। महंगाई के आंकड़ों के अनुसार साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में—DA में संशोधन किया जाता है। फिलहाल जुलाई 2025 से DA 58 प्रतिशत है और जनवरी 2026 में इसमें 2 से 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
🟢 Aykroyd फॉर्मूले पर उठ रहे सवाल
महंगाई भत्ता और न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 1957 से लागू Aykroyd Formula का इस्तेमाल किया जाता है। इस फॉर्मूले में 2700 कैलोरी भोजन, कपड़ा और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों को आधार माना गया है और परिवार की औसत इकाई तीन सदस्य मानी गई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह मॉडल वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप नहीं है।
🟢 बदलाव हुआ तो सैलरी और पेंशन पर बड़ा असर
यदि सरकार DA फॉर्मूले में बदलाव करती है तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये से बढ़कर 30 हजार रुपये से अधिक हो सकता है। साथ ही फिटमेंट फैक्टर बढ़ने पर कुल वेतन में 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है।
🟢 सरकार के सामने वित्तीय चुनौती
हालांकि इन मांगों को लागू करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। वेतन और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ सकता है। इसके अलावा देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जीवनयापन की लागत को संतुलित करना भी एक बड़ी चुनौती होगी।
🟢 8वें वेतन आयोग की स्थिति
गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अभी तक इसका औपचारिक गठन नहीं हुआ है। हालांकि सरकार ने इसकी तैयारियों के लिए एक समिति गठित की है, जो अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
ऐसे में यदि महंगाई भत्ते के फॉर्मूले में बदलाव को मंजूरी मिलती है, तो देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजर सरकार के अगले फैसले और 8वें वेतन आयोग की औपचारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
