उत्तराखंड कोटद्वार ‘बाबा’ नाम विवाद, हाईकोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट, याचिकाकर्ता से आय का शपथपत्र तलब,,,,,,

कोटद्वार। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम विवाद से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए राज्य सरकार से सभी संबंधित प्राथमिकी की जांच पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने जिम संचालक दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद दीपक’ की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
अदालत ने याचिकाकर्ता दीपक कुमार को भी निर्देशित किया कि वे अपने बैंक खातों में प्राप्त कुल धनराशि का विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत करें। सुनवाई के दौरान दीपक ने बताया कि 26 जनवरी की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें 100 से 500 रुपये तक के छोटे-छोटे दान प्राप्त हो रहे हैं।
🔴 मामले की पृष्ठभूमि
घटना 26 जनवरी की है, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद द्वारा अपनी दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई थी। इसी दौरान दीपक कुमार ने दुकानदार का समर्थन किया। वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि दुकान 30 वर्षों से अधिक समय से संचालित है और नाम को लेकर आपत्ति उचित नहीं है। पहचान पूछे जाने पर उन्होंने स्वयं को “मोहम्मद दीपक” बताया, जिससे विवाद और गहरा गया।
🔴 एफआईआर और याचिका
घटना के बाद कमल प्रसाद की शिकायत पर 28 जनवरी को दीपक कुमार और उनके सहयोगी विजय रावत के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल फोन छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके खिलाफ दीपक ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर एफआईआर निरस्त करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की।
🔴 अदालत का रुख
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी तरह कानून के अनुसार की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह वर्तमान जांच स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
🔴 स्थानीय संदर्भ और विवाद
कोटद्वार स्थित बाबा सिद्धबली मंदिर क्षेत्र में कई दुकानों के नाम में ‘बाबा’ शब्द प्रचलित है। विवादित दुकान ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ के बोर्ड पर ‘बाबा’ शब्द बड़े अक्षरों में अंकित था, जबकि दुकानदार का नाम छोटे अक्षरों में लिखा था। इसी बात को लेकर विरोध हुआ और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
🔴 अगली सुनवाई
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को निर्धारित की है। कोर्ट के निर्देशों के बाद अब सभी पक्षों की नजर राज्य सरकार की रिपोर्ट और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।
