उत्तराखंड चार साल बाद हरिद्वार को मिला कैबिनेट में प्रतिनिधित्व, सरकार द्वारा देरी से लिए गए इस कदम पर उठ रहे है कई सवाल,,,,

देहरादून। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद आखिरकार हरिद्वार जनपद को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल गया है। प्रदेश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से अहम जिले हरिद्वार से वरिष्ठ भाजपा नेता मदन कौशिक और विधायक प्रदीप बत्रा को कैबिनेट में शामिल किया गया है।

हरिद्वार जिले से कुल 11 विधायक होने के बावजूद पिछले चार वर्षों से इस जनपद को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल पाया था, जिसको लेकर समय-समय पर राजनीतिक हलकों में चर्चा और नाराजगी भी देखने को मिली। अब जबकि विधानसभा चुनाव में लगभग छह महीने का समय शेष है, ऐसे में इस फैसले को सियासी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय से उपेक्षित माने जा रहे हरिद्वार क्षेत्र को साधने के लिए यह कदम उठाया गया है। खासतौर पर मदन कौशिक, जो कि पांच बार के विधायक हैं और पिछले करीब 35 वर्षों से हरिद्वार की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं, को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना कई संकेत देता है।

हालांकि विपक्ष और कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह निर्णय काफी देर से लिया गया है और इसे आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम माना जा रहा है। उनके अनुसार, यदि हरिद्वार को पहले ही प्रतिनिधित्व मिल जाता, तो क्षेत्रीय असंतोष को कम किया जा सकता था।
अब देखना यह होगा कि सरकार का यह कदम आगामी चुनावों में कितना असर डालता है और क्या इससे हरिद्वार क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदलते हैं।
