उत्तराखंड सरकार ने बढ़ाया Green Cess Tax का दायरा, 15 फरवरी से प्रदेश के 15 प्रवेश द्वारों पर होंगी योजना लागु,,,,,
देहरादून: Green Cess Tax परिवहन विभाग उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस टैक्स का विस्तार कर रहा है। नारसन के बाद, आशारोड़ी, भगवानपुर, नादेही।
अन्य राज्यों के वाहनों पर Green Cess Tax लागू।
15 फरवरी तक 15 प्रवेश द्वारों पर योजना।
एएनपीआर कैमरे और फास्टैग से होगी वसूली।
Green Cess Tax अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से नारसन चेकपोस्ट पर ग्रीन सेस वसूलने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद परिवहन विभाग
अब इसे राज्य की सीमा पर स्थित अन्य चेकपोस्ट पर भी लागू करने जा रहा है। इस कड़ी में आशारोड़ी, भगवानपुर, नादेही व रुद्रपुर में भी ट्रायल शुरू हो चुका है।
परिवहन विभाग की योजना 15 फरवरी तक सभी प्रमुख 15 प्रवेश स्थलों पर ग्रीन सेस योजना लागू करने की है।
इन स्थानों पर लगाए गए आटोमेटेड नंबर प्लेट रिकगनिशन (एपीएनआर) कैमरों के जरिये अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों की पहचान की जाएगी और उन पर लगे फास्टैग से ग्रीन सेस की निर्धारित राशि ली जाएगी।
🟢 योजना के यह हैं मुख्य उद्देश्य
वायु प्रदूषण में कमी एवं एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) में सुधार।
पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर लगेगा नियंत्रण।
स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को मिलेगा प्रोत्साहन।
सड़क धूल, पौधारोपण एवं वायु निगरानी नेटवर्क में सुधार
ये हैं विशेषताएं।
बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से अभी एक जगह ग्रीन सेस वसूला जा रहा है।
इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी वाहनों को दी गई है छूट
इस टैक्स से उत्तराखंड को लगभग 100 करोड़ प्रतिवर्ष की आय होने का अनुमान।
यह राशि वायु निगरानी, रोड डस्ट नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार एवं स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम पर व्यय होगी।

