उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027, कांग्रेस आठ जोन में बांटकर करेगी संगठन मजबूत, रणनीति पर हुआ गहन मंथन,,,,

देहरादून। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उत्तराखंड में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। नई दिल्ली में पार्टी की उत्तराखंड प्रभारी एवं सांसद कुमारी सैलजा की अगुवाई में हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और जन मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि चुनावी दृष्टिकोण से राज्य को आठ जोन में विभाजित किया जाएगा और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेताओं को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भी पार्टी कड़ी नजर रखेगी। हालांकि नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर चर्चा हुई, लेकिन इस पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
🟢 SIR और संगठन विस्तार पर फोकस
प्रभारी कुमारी सैलजा ने प्रदेश में लगभग 12 हजार बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने SIR को लेकर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, जिसे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से गुटीय मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में प्रदेश व केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने पर जोर दिया गया। प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और ज्वलंत मुद्दों पर भी गंभीर और सार्थक चर्चा हुई।
🟢 हरक सिंह रावत का बयान चर्चा में
बैठक के दौरान हरक सिंह रावत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल राहुल गांधी की सिफारिश से टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि चुनाव जीतने की क्षमता होना जरूरी है।
🟢 वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
बैठक में गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, हरीश रावत, भुवन कापड़ी, काजी निजामुद्दीन, तिलक राज बेहड़ और करन माहरा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल और ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।
कुल मिलाकर कांग्रेस आगामी चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक मजबूती, जमीनी स्तर पर पकड़ और रणनीतिक तैयारी पर विशेष जोर देती नजर आ रही है। हरक सिंह रावत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल राहुल गांधी की सिफारिश से टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि चुनाव जीतने की क्षमता होना जरूरी है।
🟢 वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
बैठक में गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, हरीश रावत, भुवन कापड़ी, काजी निजामुद्दीन, तिलक राज बेहड़ और करन माहरा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल और ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।
🔴 हरीश रावत बैठक से बीच में निकले
सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बैठक के बीच में ही उठकर चले गए। उनके इस कदम को कुछ मुद्दों पर असहजता से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुल मिलाकर कांग्रेस आगामी चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक मजबूती, जमीनी स्तर पर पकड़ और रणनीतिक तैयारी पर विशेष जोर देती नजर आ रही है।
