उत्तराखंड के इस अस्पताल में अचानक घुसा हाथी, मची अफरा-तफरी,,,,,

उत्तराखंड के इस अस्पताल में अचानक घुसा हाथी, मची अफरा-तफरी,,,,,

उत्तराखंड के इस अस्पताल में अचानक घुसा हाथी, मची अफरा-तफरी,,,,,

हरिद्वार : जंगली हाथियों के रिहायशी इलाकों में घुसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मंगलवार का है, जब एक जंगली हाथी जया मैक्सवेल अस्पताल में घुस आया। हाथी के प्रवेश से अस्पताल में भगदड़ मच गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कैसे घुसा हाथी अस्पताल में?

जानकारी के मुताबिक, जंगल से भटका हुआ एक जंगली हाथी अस्पताल की दीवार तोड़कर भीतर घुस आया। हाथी को देखकर वहां मौजूद डॉक्टर, मरीज और स्टाफ दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इलाके के लोग भी छतों पर चढ़कर तमाशा देखने लगे और इस नजारे को अपने मोबाइल में कैद कर लिया।

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को किसी तरह जंगल की ओर खदेड़ दिया। हरिद्वार के रेंज अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था, जिस वजह से रिहायशी इलाके में घुस आया। उन्होंने कहा कि वन विभाग हाथी की मॉनिटरिंग कर रहा है और उसके झुंड को खोजने की कोशिश कर रहा है।

हरिद्वार में वन्यजीवों की बढ़ती दस्तक

हरिद्वार का अधिकतर क्षेत्र राजाजी नेशनल पार्क से सटा हुआ है, जिसकी वजह से यहां जंगली जानवरों की आवाजाही आम हो गई है। वन विभाग इस समस्या से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात कर रहा है, बांस की बाड़ और दीवारें बनाने की योजना पर काम कर रहा है।

8 महीने में 9 बार घुसे हाथी, किसान की मौत

पिछले 8 महीनों में 9 बार हाथियों को हरिद्वार के रिहायशी इलाकों में देखा गया है। सितंबर 2024 में एक हाथी ने खेत की रखवाली कर रहे किसान पर हमला कर उसकी जान ले ली थी।

उत्तराखंड में बढ़ते वन्यजीव हमले

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि किसी अस्पताल में वन्य जीव घुसा हो। पिछले साल, पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में एक गुलदार घुस आया था, जिससे हड़कंप मच गया था। गनीमत रही कि घटना रात में हुई, वरना दिन के समय बड़ा हादसा हो सकता था।

The post उत्तराखंड में यहां अस्पताल में घुसा हाथी, मची अफरा-तफरी first appeared on पहाड़ समाचार.

abpindianews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share