उत्तराखंड चमोली में भालुओं का आतंक, स्कूल परिसर मे छात्र पर हमला, शिक्षक-छात्रों की बहादुरी से बची जान, नारायणबगड़ में युवक गंभीर घायल,,,,
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में भालुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पोखरी विकासखंड में दो दिन के भीतर स्कूली छात्रों पर भालुओं के हमलों से दहशत का माहौल है। ताजा मामला जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर का है, जहां दिनदहाड़े दो भालू स्कूल परिसर में घुस आए और एक छात्र पर हमला कर दिया।
भालुओं को स्कूल परिसर में देखकर बच्चों ने तुरंत क्लास के गेट बंद कर लिए, लेकिन इसके बावजूद भालू एक छात्र पर झपट पड़े और उसे घसीटते हुए झाड़ियों की ओर ले जाने लगे। छात्र की चीख-पुकार सुनकर दो छात्र, एक छात्रा और एक शिक्षक ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया और भालुओं की ओर दौड़ पड़े। चारों के एकजुट प्रयास और शोरगुल से घबराकर भालू छात्र को छोड़कर जंगल की ओर भाग गए। घायल छात्र को सुरक्षित बाहर निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस घटना के बाद स्कूल के छात्र बेहद डरे हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार वन विभाग को क्षेत्र में भालुओं की आवाजाही की सूचना दी गई थी, लेकिन न तो नियमित गश्त बढ़ाई गई और न ही कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था की गई। इस लापरवाही से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। उन्होंने विद्यालयों और आबादी वाले इलाकों में वन्यजीवों की कड़ी निगरानी और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम की मांग की है।
गौरतलब है कि इसी जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर के कक्षा 6 के छात्र देवेश (13 वर्ष) पर दो दिन पहले भी भालू ने हमला किया था। स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय झाड़ियों में छिपे भालू ने देवेश पर हमला कर उसका पैर पकड़ लिया था। देवेश के साथ मौजूद पंकेश ने हिम्मत दिखाते हुए भालू पर पत्थर फेंके, जिससे भालू को छात्र को छोड़ना पड़ा। बाद में देवेश को अस्पताल में उपचार दिया गया था। उस समय वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद आज फिर हमला हो गया।
नारायणबगड़ में युवक पर भालू का हमला
इसी बीच चमोली जिले के नारायणबगड़ विकासखंड के ग्राम मरोड़ा में भी भालू के हमले की घटना सामने आई है। गांव निवासी जसपाल सिंह (40 वर्ष), पुत्र कुंदन सिंह, पर उस समय भालू ने हमला कर दिया जब वह अपनी गौशाला से दूध लेकर गांव लौट रहे थे। घनी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक झपट्टा मार दिया, जिससे जसपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भागा। घायल युवक को तुरंत नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
लगातार हो रही इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भालुओं की बढ़ती गतिविधियों के कारण सुबह-शाम घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोगों में गहरी चिंता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

