उत्तराखंड के रुड़की सीवरेज संकट पर सख्त हुए शैलेश बगौली, सड़क धंसाव को बताया बेहद गंभीर,जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कि तत्काल कार्रवाई की मांग,,,,,,
हरिद्वार: एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा समर्थित सीवरेज परियोजना के तहत रुड़की नगर में किए गए निर्माण कार्य अब स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने इस समस्या को अत्यंत गंभीर मानते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सचिव शैलेश बगौली के पत्र में उल्लेख किया गया है कि सीवर लाइनों के निर्माण के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कों में बड़े पैमाने पर धंसाव देखा जा रहा है, जिससे गहरे गड्ढे बन गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में अम्बर तालाब, चाऊमण्डी, चन्द्रपुरी, डीएवी कॉलेज रोड, गणेशपुर, मकतूलपुरी और माहिग्रान जैसे मोहल्ले शामिल हैं। कई जगहों पर मेनहोल चैंबर धंसने से दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है, जबकि आसपास के आवासीय भवनों में दरारें विकसित हो गई हैं और कुछ इमारतें ढहने की कगार पर पहुंच गई हैं।
उत्तराखंड जल संस्थान की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए सचिव ने बताया कि एडीबी परियोजना अंतर्गत निर्मित सीवर चैंबरों में गंभीर तकनीकी कमियां पाई गई हैं। इनमें संरचनाओं में दरारें, दीवारों की कमजोरी तथा आंतरिक और बाहरी प्लास्टर की अनुपस्थिति प्रमुख हैं, जिसके कारण निरंतर रिसाव हो रहा है। इसके अतिरिक्त, कुछ स्थानों पर सीवर पाइपलाइन और पेयजल लाइन एक साथ चल रही हैं, जिससे पेयजल में गंदगी मिलने का गंभीर जोखिम उत्पन्न हो गया है।
इस विकट स्थिति को देखते हुए सचिव शैलेश बगौली ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर पर एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया जाए। इस समिति में भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों के साथ-साथ उत्तराखंड जल संस्थान, कार्यकारी एजेंसी तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति स्थल का दौरा कर समस्या की गहराई से जांच करेगी और स्थायी समाधान के लिए विस्तृत सिफारिशें वाली रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
स्थानीय निवासी इस मुद्दे पर चिंतित हैं और प्रशासन से त्वरित सुधार की अपेक्षा कर रहे हैं, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभागीय स्तर पर इस मामले की निगरानी जारी है।

