उत्तराखंड रुद्रपुर में मंदिर के बाहर पशु अवशेष फेंकने और खुद को उत्तराखंड पुलिस का कर्मचारी बताने वाले आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार,,,,

रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): उत्तराखंड के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत भूतबंगला वार्ड नंबर 20 में एक धार्मिक स्थल के समीप अमर्यादित कृत्य करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। वाल्मीकि समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
🔴 मुख्य द्वार पर अवशेष फेंकने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूतबंगला वार्ड नंबर 20 के निवासी विजेंद्र पुत्र राजेंद्र ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 29 मई 2026 की दोपहर करीब एक बजे मोहल्ले में स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर के समीप रहने वाले एक विशेष समुदाय के व्यक्ति ने बकरे की कुर्बानी दी थी। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने बकरे के अवशेष और गंदगी को मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने फेंक दिया। इस कृत्य से स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुंची।
🔴 विरोध करने पर धमकी और खुद को बताया पुलिसकर्मी
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब स्थानीय निवासियों ने इस कृत्य का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी गाली-गलौज और अभद्रता पर उतर आया। उसने न केवल लोगों को जान से मारने की धमकी दी, बल्कि खुद को उत्तराखंड पुलिस का कर्मचारी बताकर स्थानीय जनता पर धौंस जमाने और मामला दबाने का प्रयास भी किया।
🔴 पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस ने स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। साक्ष्यों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
🟢 विधिक कार्रवाई और आधिकारिक बयान
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) विभव सैनी ने बताया कि तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
“पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी असामाजिक तत्व को क्षेत्र का माहौल, सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।”
