
हरिद्वार। हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित “न्याय संहिता” राज्यस्तरीय प्रदर्शनी जन-जागरूकता का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को देश की नई न्याय व्यवस्थाओं, तकनीकी सुधारों और नागरिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देना है। यह आयोजन अमित शाह की परिकल्पना तथा पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में किया जा रहा है।
प्रदर्शनी के तीसरे दिन, 9 मार्च को विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इसमें कोर यूनिवर्सिटी हरिद्वार, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, पुलिस मॉडर्न स्कूल (40वीं बटालियन) तथा कन्या इंटर कॉलेज सडौली के विद्यार्थी और लॉ फैकल्टी विशेष रूप से शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को न्याय संहिता के प्रावधानों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी सरल और रोचक तरीके से दी।
प्रदर्शनी के दौरान जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन नाटकों के माध्यम से न्याय संहिता के प्रमुख प्रावधानों, पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली और तकनीकी सुधारों को प्रभावी और सहज शैली में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसे आगंतुकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।

इस अवसर पर सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून-व्यवस्था) ने प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं जनपद के विभिन्न थानों और चौकियों से आए विवेचकों (आईओ) ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और न्याय संहिता के क्रियान्वयन से संबंधित अपनी विधिक समझ को और मजबूत किया। इसके अलावा एसडीआरएफ, पीएसी के जवानों, मीडिया प्रतिनिधियों और आपदा मित्रों ने भी प्रदर्शनी में पहुंचकर जानकारी प्राप्त की।

यह प्रदर्शनी विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। आयोजकों के अनुसार समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय संहिता की जानकारी पहुंचाकर एक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और न्यायपूर्ण व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करना इसका मुख्य उद्देश्य है।

बैरागी कैंप में आयोजित “न्याय संहिता प्रदर्शनी” 11 मार्च 2026 तक चलेगी। आमजन से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन करें और नई न्याय संहिताओं की जानकारी प्राप्त करें।
