उत्तराखंड अंकिता भंडारी हत्याकांड मे आया नया सियासी तूफान, भाजपा महिला नेता आरती गौड़ ने BJP की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा,,,

देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी द्वारा जारी एक वीडियो के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वीडियो में हत्याकांड से जुड़े कई कथित खुलासे और आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद भाजपा की महिला नेता आरती गौड़ ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित कॉल रिकॉर्डिंग का जिक्र भी किया गया है। इसके सामने आने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।
पूर्व विधायक की कथित पत्नी ने यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्या के रिसॉर्ट को गिराने के लिए जेसीबी भेजने में आरती गौड़ की भूमिका थी।
इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आरती गौड़ ने सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई दी और भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और निष्पक्ष जांच पूरी होने तक वह पार्टी से अलग रहेंगी।
भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि उन्हें आरती गौड़ के इस्तीफे की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बिना जांच किसी नेता पर आरोप लगाना अनुचित है।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी यमकेश्वर स्थित वंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। यह रिसॉर्ट भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्या का था, जिसे घटना के कुछ घंटों बाद ही जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया था। इस कार्रवाई को लेकर उस समय भी सबूत मिटाने के आरोप लगे थे।
🔴अंकिता भंडारी हत्याकांड 2022 🔴

उत्तराखंड के यमकेश्वर क्षेत्र में वर्ष 2022 में सामने आए अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। अंकिता वंत्रा (वनंतरा) रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं।
घटना के बाद मुख्य आरोपी पुलकित आर्या, उसके कर्मचारी अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया। तीनों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच विशेष जांच टीम (SIT) को सौंपी। SIT ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण, गवाहों के बयान, कॉल डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की।
घटना के कुछ ही घंटों बाद रिसॉर्ट को जेसीबी से गिराए जाने को लेकर सबूत नष्ट करने के आरोप भी लगे, जिस पर राज्य सरकार और प्रशासन को भी तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा।
पुलकित आर्य व अन्य आरोपियों को मिली सजा
अदालत ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (वनंतरा रिसॉर्ट का मालिक) और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को हत्या के दोषी करार दिया। न्यायालय द्वारा तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है।


