देश मे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुआ इजाफा, नायरा एनर्जी ने बढ़ाए दाम, 6500 से अधिक पंपों पर नई दरें लागू,,,

नई दिल्ली: देश में लंबे समय से स्थिर चल रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब हलचल शुरू हो गई है। निजी क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने अचानक ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे ऑयल मार्केट में दबाव के संकेत मिलने लगे हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि की है। इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने की संभावना है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार देशभर में मौजूद उसके 6500 से अधिक पेट्रोल पंपों पर नई दरें लागू कर दी गई हैं। फेडरेशन ऑफ गुजरात पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के समन्वयक ने भी कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी की पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस निर्णय की मुख्य वजह हैं। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है।
नायरा एनर्जी के इस फैसले के बाद अब बाजार की निगाहें सरकारी तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL)—पर टिक गई हैं। यदि इन कंपनियों ने भी कीमतों में बढ़ोतरी की, तो देशभर में ईंधन महंगाई का असर और तेज हो सकता है।
सरकारी तेल विपणन कंपनियां अब तक महंगाई और आम जनता पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखते हुए कीमतों में वृद्धि से बचती रही हैं, लेकिन लगातार बढ़ते क्रूड ऑयल के दाम उनके मुनाफे पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में भविष्य में कीमतों में संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और आवश्यक वस्तुओं की लागत पर भी पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ सकती है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में अन्य कंपनियां भी ईंधन के दाम बढ़ा सकती हैं।
