उत्तराखंड के पेपर लीक केस में जांच अधूरी, लेकिन आरोपी हाकम सिंह को हाईकोर्ट से मिली राहत, आईए जानते हैं आखिर क्यों?

देहरादून: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पटवारी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आरोपी हाकम सिंह को जमानत प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने बुधवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया।
हाकम सिंह को कुख्यात नकल माफिया गिरोह का प्रमुख माना जाता है। उनकी जमानत अर्जी की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने की। याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को अवगत कराया कि हाकम सिंह के खिलाफ नकल कराने के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हैं। पुलिस ने उन्हें केवल पुराने रिकॉर्ड के आधार पर गिरफ्तार किया था। साथ ही, इस प्रकरण में उनके सहयोगी पंकज गौड़ को पहले ही 14 जनवरी को न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ द्वारा जमानत मिल चुकी है।
इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच अभी अधूरी है और यह एक गंभीर पेपर लीक का मामला है। इसलिए अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने के लिए समय देने की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुना दिया।
मामले की पृष्ठभूमि में 20 सितंबर 2025 को पटवारी भर्ती परीक्षा से ठीक एक दिन पहले देहरादून पुलिस और एसटीएफ उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने हाकम सिंह तथा उनके सहयोगी पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दोनों ने अभ्यर्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण कराने का लालच देकर 12 से 15 लाख रुपये तक की राशि मांगी थी।
यह घटना उत्तराखंड में बार-बार सामने आने वाले परीक्षा अनियमितता के मामलों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण विकास है, जहां हाईकोर्ट ने आरोपी को राहत प्रदान की है।
