उत्तराखंड हल्द्वानी में निजी अस्पताल की अमानवीयता, अतिरिक्त पैसे की मांग पर रोका शव, एसएसपी के हस्तक्षेप से परिजनों को मिला न्याय,,,
हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक निजी अस्पताल की मनमानी और संवेदनहीन रवैया सामने आया है, जहां उपचार के दौरान महिला मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अतिरिक्त भुगतान की मांग करते हुए शव सौंपने से इनकार कर दिया। मामला नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी तक पहुंचने के बाद पुलिस के हस्तक्षेप से परिजनों को शव सौंपा गया और मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कराया गया।
जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा जिले के धारानौला क्षेत्र स्थित गोलना करड़िया निवासी नंदन बिरौड़िया ने 3 जनवरी की देर रात एसएसपी नैनीताल को फोन कर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सीमा बिरौड़िया को बेस अस्पताल अल्मोड़ा से गंभीर हालत में हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महज दो घंटे के उपचार का करीब 80 हजार रुपये का बिल बना दिया। पीड़ित परिवार पहले ही 57 हजार रुपये जमा कर चुका था, लेकिन शेष राशि के रूप में 30 हजार रुपये और जमा न करने पर अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिजन अंतिम संस्कार तक नहीं कर पा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने तुरंत हल्द्वानी सीओ सिटी अमित कुमार और कोतवाली प्रभारी विजय मेहता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर हस्तक्षेप किया, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मृतका का शव परिजनों को सौंपा और मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया गया।
इस दौरान पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त लहजे में मानवता और कानून का पालन करने की हिदायत दी। वहीं, एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया कि इस तरह की अमानवीय हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने कहा, “देर रात सूचना मिली कि निजी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई है और अस्पताल अतिरिक्त पैसे की मांग कर शव देने से इनकार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया, शव परिजनों को सुपुर्द कराया गया और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया। मामले में अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

