उत्तराखंड में यहां पिछले करीब 13 दिनों से मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप, बिना नेटवर्क के जनजीवन प्रभावित,,,,,

उत्तरकाशी: पहाड़ी क्षेत्रों में संचार व्यवस्था की बदहाल स्थिति एक बार फिर उजागर हुई है। मोरी विकासखंड की गडुगाड़ पट्टी में पिछले करीब 13 दिनों से मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
डोभाल गांव ग्राम पंचायत की प्रधान महेन्द्री पंवार ने इस गंभीर समस्या को लेकर जनपद के प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री सौरव बहुगुणा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रधान महेन्द्री पंवार ने ज्ञापन में बताया कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में पूरा क्षेत्र संचार व्यवस्था से पूरी तरह कटा हुआ है। उन्होंने कहा कि नेटवर्क न होने के कारण न तो सरकारी कार्य संपादित हो पा रहे हैं, न ही स्थानीय व्यवसाय चल पा रहे हैं और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच भी बाधित हो गई है।
उठाए गए प्रमुख मुद्दे:-
सिग्नल का पूर्ण अभाव: पिछले 13 दिनों से क्षेत्र में 2G सिग्नल तक उपलब्ध नहीं।
संसाधन बेकार: Airtel, Vodafone, BSNL और Jio के टावर लगे होने के बावजूद कनेक्टिविटी शून्य।
5G का अभाव: आधुनिक सेवाओं और विकास कार्यों के लिए आवश्यक 5G नेटवर्क का कोई अस्तित्व नहीं।
तकनीकी खामी: Jio और BSNL टावर निचले क्षेत्रों में स्थापित होने के कारण ऊंचाई वाले गांवों तक सिग्नल नहीं पहुंच पा रहा।
प्रधान ने मंत्री से मांग की है कि समस्या के समाधान के लिए तत्काल उच्च स्तरीय तकनीकी टीम भेजी जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को संचार संकट से राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क ठप होने से बैंकिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
अब देखना होगा कि कैबिनेट मंत्री सौरव बहुगुणा इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और गडुगाड़ पट्टी के ग्रामीणों को कब तक संचार सुविधा बहाल हो पाती है।
