उत्तराखंड हाईकोर्ट से पूर्व विधायक सुरेश राठौर को मिली बड़ी राहत,वर्तमान दो मामलों मे कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक,,,,

देहरादून: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो-वीडियो प्रकरण में फंसे ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को बड़ी राहत देते हुए दो मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं धर्मेंद्र कुमार (हरिद्वार) और आरती गौड़ (पूर्व जिला पंचायत सदस्य, यमकेश्वर) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मंगलवार को न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में राठौर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने प्राथमिकी को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक की मांग की थी।
गौरतलब है कि सुरेश राठौर के विरुद्ध बहादराबाद, झबरेड़ा, देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। हरिद्वार जिले के बहादराबाद थाने में दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर ने भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑडियो-वीडियो जारी किए।
वहीं देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़, संचित कुमार और भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की ओर से सुरेश राठौर और उनकी तथाकथित पत्नी उर्मिला सनावर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया सुनवाई के बाद दो मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि शेष दो प्राथमिकी को भी शीघ्र ही कोर्ट के समक्ष चुनौती दी जाएगी।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, वहीं मामले की अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
