उत्तराखंड में ड्रग तस्कर बनमीत से 36 अरब रुपये के खुलासे हेतु ED को मिली जेल में पूछताछ की अनुमति,,,,,

देहरादून: हल्द्वानी का रहने वाला बनमीत नरूला ब्रिटेन में रहकर डार्क वेब के जरिए नशे का धंधा करता था। वह अमेरिकी जांच एजेंसियों के रडार पर आया तो उसे 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर बनमीत नरुला अब भी 4250 बिटकॉइन (करीब 36 अरब रुपये) का राज दबाए हुए है। ये बिटकॉइन अब भी ब्लॉकचेन पर ट्रेस किए जा रहे हैं। ईडी अब बनमीत से जेल में पूछताछ कर इन्हें बरामद करना चाहती है। इसके लिए शुक्रवार को स्पेशल जज ईडी महेश चंद्र कौशिबा की अदालत ने ईडी को बनमीत नरूला से पूछताछ की इजाजत दे दी है। इसके लिए जेल सुप्रीटेंडेंट को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी अदालत ने दिए हैं।
हल्द्वानी का रहने वाला बनमीत नरूला ब्रिटेन में रहकर डार्क वेब के जरिए नशे का धंधा करता था। वह अमेरिकी जांच एजेंसियों के रडार पर आया तो उसे 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। वहां उसे दोषी ठहरा दिया गया। सजा पूरी करने के बाद बनमीत को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया। वह अप्रैल 2024 में अपने घर हल्द्वानी आ रहा था कि उसके भाई परमिंदर नरूला को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
उसका भाई भी अपनी दवा फैक्टरी की आड़ में अवैध दवाइयों का धंधा करता था। जांच में पता चला कि वह भी बनमीत के इस धंधे में मिला हुआ था। भाई की गिरफ्तारी का पता चलते ही वह भूमिगत हो गया लेकिन ईडी ने कुछ दिन बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
ईडी ने उसके वॉलेट से 268 बिटकॉइन भी बरामद किए थे। जिनकी उस वक्त भारतीय रुपयों में कीमत 130 करोड़ रुपये थी। पिछले साल ईडी ने दोनों भाइयों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। इसी बीच ईडी की जांच में आया कि बनमीत नरूला के 4250 बिटकॉइन अब भी ब्लॉकचेन पर पड़े हैं।
इन्हें ट्रेस भी किया जा रहा है लेकिन पासवर्ड आदि सब बनमीत जानता है तो ईडी उससे जेल में पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए ईडी ने स्पेशल कोर्ट में अर्जी लगाई थी। सामान्य नियमानुसार चार्जशीट दाखिल होने के बाद पूछताछ नहीं हो सकती। इस पर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला दिया जिसके आधार पर स्पेशल कोर्ट ने ईडी को अनुमति दे दी है।
