दिल्ली संसद में डॉ नरेश बंसल ने उठाया पर्यटन विकास का मुद्दा, स्वदेश दर्शन योजना के तहत 76 परियोजनाएं स्वीकृत और 75 हुई पूरी,,,,,

नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद डा. नरेश बंसल ने संसद में पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने सरकार से स्वदेश दर्शन और स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या, पूर्ण परियोजनाओं का विवरण, चुनौती आधारित गंतव्य विकास पहल के उद्देश्यों तथा पर्यटन स्थलों के विकास के लिए दी जा रही वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी मांगी।
इस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2014-15 में देश में विषयगत पर्यटन परिपथ विकसित करने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत देश में पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए 5290.33 करोड़ रुपये की लागत से 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें से 75 परियोजनाएं भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना को बाद में अधिक स्थायी और उत्तरदायी पर्यटन स्थलों के विकास के उद्देश्य से नया स्वरूप देते हुए स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में लागू किया गया। इसके अंतर्गत 2208.31 करोड़ रुपये की लागत से 53 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा विभिन्न चरणों में कार्य किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने चुनौती आधारित गंतव्य विकास (CBDDD) पहल के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे। इसके अंतर्गत चार प्रमुख श्रेणियो
संस्कृति और विरासत
आध्यात्मिक पर्यटन
जीवंत ग्राम
पारिस्थितिकी पर्यटन एवं अमृत धरोहर स्थल
के तहत 697.94 करोड़ रुपये की 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटन स्थलों का समग्र विकास करना, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना तथा गंतव्यों को स्थायी और जिम्मेदार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
इसके अलावा देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए पर्यटन मंत्रालय ने राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (SASCI) योजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के टेम्पलेट और संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्री के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं के माध्यम से देश में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करना और भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करना है।
