उत्तराखंड के 5 दिवसीय दौरे पर आएंगी कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा, कार्यकर्ताओं के साथ करेंगी बैठकों का दौर,,,,

देहरादून: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा आगामी 8 अप्रैल से 12 अप्रैल तक उत्तराखंड के पांच दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगी तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा करेंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 अप्रैल को सुबह 8 बजे नई दिल्ली से रवाना होकर कुमारी शैलजा रुद्रपुर (जनपद उधमसिंह नगर) पहुंचेंगी। यहां वह वरिष्ठ नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद उनका हल्द्वानी में रात्रि विश्राम प्रस्तावित है।
9 अप्रैल को कुमारी शैलजा स्वराज आश्रम हल्द्वानी में नैनीताल जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। इसके बाद वह कोटद्वार पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा जिला और महानगर पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगी। कोटद्वार में ही उनका रात्रि विश्राम रहेगा।
10 अप्रैल को कोटद्वार में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद वह हरिद्वार पहुंचेंगी। यहां जयराम आश्रम में हरिद्वार महानगर, हरिद्वार ग्रामीण, रुड़की महानगर और रुड़की ग्रामीण क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। शाम को वह हर की पौड़ी पर गंगा आरती में भी शामिल होंगी, जिसके बाद उनका देहरादून में रात्रि विश्राम होगा।
11 अप्रैल को कुमारी शैलजा देहरादून से मसूरी के लिए प्रस्थान करेंगी और वहां नगर कांग्रेस कमेटी मसूरी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी। इसके बाद देहरादून लौटकर देहरादून महानगर, परवादून और पछुआदून जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, अल्पसंख्यक विभाग, अनुसूचित जाति विभाग और पूर्व सैनिक विभाग के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक का कार्यक्रम है। इस दिन उनका रात्रि विश्राम देहरादून में ही रहेगा।
12 अप्रैल को देहरादून में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) द्वारा आयोजित “जय भीम जय हिंद” कार्यक्रम में कुमारी शैलजा प्रतिभाग करेंगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे देहरादून से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करना है।
