उत्तराखंड चारधाम यात्रा से पहले टिहरी में आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल, भूस्खलन-दुर्घटना सहित कई आपात स्थितियों का किया अभ्यास,,,,
टिहरी गढ़वाल। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए टिहरी जनपद में प्रशासन द्वारा व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के निर्देश पर आयोजित इस अभ्यास में भूस्खलन, बस दुर्घटना, भू-धंसाव और बांध में रिसाव जैसी संभावित आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने सुबह 9 बजे इंडियन रिस्पांस सिस्टम (IRS) के तहत संबंधित विभागों को सक्रिय करते हुए जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र से अलर्ट जारी किया। इसके बाद आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य विभागों की टीमों ने राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल के दौरान चंबा-मसूरी मोटर मार्ग (एनएच-707ए) पर क्लासिक होटल के समीप भूस्खलन की स्थिति का अभ्यास किया गया। वहीं स्यांसू क्षेत्र में लैंडस्लाइड के कारण कई वाहनों के फंसने की स्थिति बनते हुए रूट डायवर्ट किया गया और मेडिकल, फायर, एसडीआरएफ तथा राजस्व टीमों ने मौके पर राहत कार्य किए। इस दौरान दो घायलों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।
इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-07 ऋषिकेश-कीर्तिनगर मार्ग पर तोता घाटी के पास मलबा आने से सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति का भी अभ्यास किया गया। सूचना मिलने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा और घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया, जबकि एक घायल को 108 सेवा से देवप्रयाग अस्पताल भेजा गया।
एक अन्य परिदृश्य में पहाड़ से बोल्डर गिरने से टेम्पो ट्रैवलर दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति का अभ्यास किया गया, जिसमें तीन लोग घायल बताए गए। दो को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि एक व्यक्ति को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवप्रयाग भेजा गया।
मॉक ड्रिल के दौरान कीर्तिनगर पुल के पास ट्रैफिक जाम की स्थिति का भी अभ्यास किया गया, जहां करीब 100 से 150 यात्रियों के फंसने की सूचना पर आपदा रिस्पांस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यातायात सुचारू कराया और यात्रियों को खाने-पीने की व्यवस्था उपलब्ध कराई।
इस दौरान टीएचडीसी द्वारा टिहरी बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की स्थिति को देखते हुए देवप्रयाग, तपोवन और मुनिकीरेती क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने को लेकर अलर्ट जारी किया गया।
प्रशासन के अनुसार इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर एडीएम अवधेश कुमार सिंह, डीडीओ मो. असलम, एआरटीओ सतेंद्र राज, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट, लोनिवि के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

