हरिद्वार विवाह का झांसा देकर 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नाबालिक को किया सकुशल बरामद,,,

धनौरी (हरिद्वार)। नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में धनौरी पुलिस चौकी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शादी का झांसा देकर 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है।
“धनौरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 29 सितंबर से लापता थी 17 वर्षीय किशोरी, बहादराबाद के खेलड़ी तिराहे से दबोचा गया आरोपी”
साथ ही अपहृत किशोरी को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। वहीं, किशोरी को विधिक प्रक्रिया के तहत जिला बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश कर संरक्षण गृह भेज दिया गया है।
🔴 29 सितंबर को परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनौरी क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 29 सितंबर को पुलिस को तहरीर देकर सूचना दी थी कि उनकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री अचानक घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। परिजनों ने अपने स्तर पर सगे-संबंधियों और आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता और अपहृता के नाबालिग होने के चलते उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
🔴 मुखबिर की सूचना पर खेलड़ी तिराहे से घेराबंदी कर पकड़ा

जांच अधिकारी लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपी की तलाश में जुटे थे। 21 अक्टूबर को पुलिस टीम को मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी किशोरी के साथ बहादराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत खेलड़ी तिराहे के पास देखा गया है और वह कहीं बाहर भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। मौके से अपहृत किशोरी को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
🔴 पूछताछ में कबूला जुर्म- शादी का झांसा देकर ले गया था साथ

पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान सचिन, निवासी ग्राम आमखेड़ी (हरिद्वार) के रूप में हुई। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी सचिन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह किशोरी को काफी समय से जानता था और उसने उसे विवाह का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद वह उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।
🔴 किशोरी को भेजा गया बाल संरक्षण गृह
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किशोरी के नाबालिग होने के कारण पूरे मामले में बाल संरक्षण नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। किशोरी का चिकित्सीय परीक्षण कराने के साथ ही उसके बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। इसके उपरांत उसे जिला बाल कल्याण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उनके आदेशानुसार किशोरी को अस्थाई रूप से संरक्षण गृह भेज दिया गया है। आगे के कानूनी बयान (धारा 164 सीआरपीसी/बीएनएसएस) दर्ज होने के बाद अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
