गुजरात बारडोली शुगर फैक्ट्री चुनाव में ‘किसान परिवर्तन पैनल’ का ऐतिहासिक परिणाम, कांग्रेस ने सभी सीटों पर लहराया परचम BJP का हुआ सुपडा साफ,,,,

सूरत। गुजरात की प्रतिष्ठित बारडोली शुगर फैक्ट्री (श्री खेदुत सहकारी खंड उद्योग मंडली लिमिटेड) की प्रबंध समिति के चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक और सहकारी उलटफेर देखने को मिला है। विपक्ष के ‘किसान परिवर्तन पैनल’ ने सत्ताधारी ‘सहकार पैनल’ का पूरी तरह सफाया करते हुए सभी सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस शानदार विजय के साथ ही देश की अग्रणी सहकारी चीनी मिलों में शुमार इस फैक्ट्री पर अब किसान परिवर्तन पैनल का पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया है।
🟢 बीजेपी विधायक ईश्वर परमार हारे, कांग्रेस के तरुण पटेल ने लिया 2017 का बदला

इस चुनाव का सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल मुकाबला बारडोली से बीजेपी विधायक ईश्वर परमार और तरुण पटेल के बीच रहा। कड़े मुकाबले में तरुण पटेल ने विधायक परमार को 542 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। मतगणना में तरुण पटेल को 1,424 वोट हासिल हुए, जबकि ईश्वर परमार को महज 882 वोटों से संतोष करना पड़ा।
यह परिणाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में ईश्वर परमार ने इसी बारडोली सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे तरुण पटेल को हराया था। सहकारिता चुनाव में पटेल की इस जीत ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय और सहकारी स्तर पर मतदाताओं की प्राथमिकताएं और राजनीतिक समीकरण आम चुनावों से काफी भिन्न होते हैं।
🟢 सभी 14 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा, 43% रहा था मतदान

प्रबंध समिति की कुल 15 सीटों में से एक सीट (सहकारी मंडली प्रतिनिधि हेतु आरक्षित) पर पहले ही निर्विरोध चयन हो चुका था। शेष 14 सीटों के लिए 16 अगस्त को मतदान हुआ था, जिसमें 29 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। कुल 2,412 पात्र सदस्यों में से 43 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
अस्तान कन्या विद्यालय में संपन्न हुई मतगणना के बाद घोषित परिणामों में ‘किसान परिवर्तन पैनल’ ने चुनाव वाली सभी 14 सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की। गन्ना पेराई क्षमता के मामले में देश की शीर्ष इकाइयों में गिनी जाने वाली इस शुगर फैक्ट्री की कमान बदलने से क्षेत्र के सहकारी और राजनीतिक परिदृश्य में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
