उत्तराखंड राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 2 नवंबर को करेंगी बाबा केदारनाथ के दर्शन, उक्त दौरे को लेकर प्रशासन ने तेज की तैयारियां,,,,

देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 2 नवंबर को केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन एवं विशेष पूजा-अर्चना करेंगी। शीतकाल के लिए केदारनाथ मंदिर के कपाट 11 नवंबर को बंद होने जा रहे हैं, जिससे ठीक नौ दिन पहले राष्ट्रपति का यह दौरा प्रस्तावित हुआ है। राष्ट्रपति के इस निजी दौरे को लेकर उत्तराखंड शासन और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शासन और जिला स्तर के उच्चाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए सुरक्षा, आवागमन और प्रोटोकॉल से जुड़े सभी प्रबंध समय रहते पुख्ता करने को कहा है।
🟢 दौरे का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम

निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार, राष्ट्रपति 1 नवंबर की शाम लगभग 4:45 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) पहुंचेंगी। यहां से वे सीधे देहरादून स्थित लोक भवन (राजभवन) जाएंगी, जहां वे उत्तराखंड के राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन से भेंट करेंगी और रात्रि विश्राम वहीं होगा।
अगले दिन यानी 2 नवंबर की सुबह राष्ट्रपति हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरेंगी। धाम में उनके लगभग एक घंटे रुकने का कार्यक्रम है। इस दौरान वे बाबा केदार के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना कर देश की समृद्धि की कामना करेंगी। साथ ही मंदिर के मुख्य पुजारियों और तीर्थ पुरोहितों से भी भेंट कर सकती हैं। दर्शन संपन्न होने के बाद वे सीधे जौलीग्रांट एयरपोर्ट लौटेंगी और वहां से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।
🟢 कपाट बंद होने से पहले विशेष दौरा

केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर की सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाने हैं। इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है; 20 अक्टूबर तक के आंकड़ों के अनुसार अकेले केदारनाथ धाम में 17.6 लाख से अधिक श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं और यात्रा के अंतिम पड़ाव में भी भक्तों की आमद निरंतर जारी है।
🔴 सुरक्षा और मौसम को लेकर सतर्कता
केदारनाथ धाम की अत्यधिक ऊंचाई और संवेदनशील मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए हेलीकॉप्टर संचालन, वीआईपी मूवमेंट और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, मंदिर समिति और नागर विमानन विभाग परस्पर समन्वय के साथ सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।
