उत्तराखंड हरिद्वार के संत गोविंददास हत्याकांड में STF को मिली बड़ी कामयाबी, ₹50,000 का इनामी बदमाश चंडीगढ़ से गिरफ्तार,,,

हरिद्वार। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कनखल क्षेत्र के श्रद्धा भक्ति आश्रम के 73 वर्षीय महंत गोविंददास की हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रदीप को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है।
“10 करोड़ रुपये की आश्रम संपत्ति हड़पने की रची गई थी साजिश, नशीला इंजेक्शन देकर की गई थी हत्या, अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार”
आरोपी की पहचान प्रदीप, निवासी ग्राम ऊदपुर, थाना झिंझाना (शामली, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पंजाब क्षेत्र में पहचान छिपाकर पिकअप/लोडर वाहन (छोटा हाथी) चलाकर माल ढुलाई का काम कर रहा था।
🔴 फर्जी वसीयतनामा बनाकर 10 करोड़ की संपत्ति हड़पने का था षड्यंत्र
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपियों की नजर आश्रम की करोड़ों रुपये की जमीन और संपत्ति पर थी। आरोपियों ने आश्रम को बेचने के लिए एक फर्जी वसीयतनामा तैयार किया था और पूरी संपत्ति का सौदा 10 करोड़ रुपये में तय कर लिया था।
🔴 नशीला इंजेक्शन देकर गला घोंटा, गंगा में बहा दिया था शव

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 1 जून 2024 को ही महंत की हत्या कर दी थी। योजना के तहत महंत राम गोविंददास को पहले नशे का इंजेक्शन लगाकर मूर्छित किया गया और फिर गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को बैरागी कैंप के पास गंगा में प्रवाहित कर दिया गया था। इसके बाद एक कथित बाबा को प्रलोभन देकर आश्रम की देखभाल की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।
🔴 गुमशुदगी के बाद हुआ था हत्याकांड का पर्दाफाश
घटना के संदर्भ में 17 अक्टूबर 2024 को ज्ञानलोक कॉलोनी, कनखल स्थित आश्रम से महंत गोविंददास की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इसके तुरंत बाद पुलिस ने 19 अक्टूबर 2024 को मामले का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
🔴 कुर्की के बाद भी था फरार, अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार
प्रकरण की जांच में कुल छह आरोपियों की संलिप्तता पाई गई थी। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने 20 सितंबर को 50 हजार के एक अन्य इनामी आरोपी सौरभ उर्फ नीटू को बागपत से दबोचा था। वहीं प्रदीप लगातार फरार चल रहा था, जिसके चलते पुलिस पूर्व में उसके घर की कुर्की (82/83 सीआरपीसी) की कार्रवाई भी कर चुकी थी। सटीक मुखबिरी और तकनीकी सुरागों के आधार पर एसटीएफ की टीम ने चंडीगढ़ में दबिश देकर उसे गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
