उत्तराखंड हरिद्वार भैरव घाट पर जूना अखाड़ा के संतों ने तर्पण कर उत्तराखंड के समग्र विकास और शांति की करी कामना,,,
हरिद्वार। सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा की ओर से मां गंगा के पवित्र भैरव घाट पर भव्य तर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित साधु-संतों ने ब्रह्मलीन संतों, सिद्ध महात्माओं और गुरु मूर्तियों का पूर्ण विधि-विधान से पूजन व तर्पण संपन्न किया।
🟢 संन्यास परंपरा के महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व
श्रीमहंत हरि गिरि महाराज की अध्यक्षता में पितृ अमावस्या पर यह अनुष्ठान संपन्न हुआ। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह पावन पर्व संन्यास परंपरा के ब्रह्मलीन महापुरुषों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। इन तपस्वी महापुरुषों ने अपना संपूर्ण जीवन तप, त्याग और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर दिया। गुरु मूर्तियों का स्मरण और वंदन करना ही सनातन संस्कृति की वास्तविक आत्मा है।
🟢 उत्तराखंड भारत की आध्यात्मिक आत्मा: संत समाज
संतों ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत की आध्यात्मिक आत्मा है, और इस राज्य की उन्नति तथा विकास से ही पूरे राष्ट्र की समृद्धि जुड़ी हुई है। अनुष्ठान के दौरान संतों ने मां गंगा से प्रदेश में सुख-शांति, सुरक्षा और आधुनिक विकास की प्रार्थना की।
इस धार्मिक आयोजन में सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ के पीठाधीश्वर व जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरि महाराज सहित अखाड़े के कई वरिष्ठ थानापति, संत और महंत बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

