उत्तराखंड जनजीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी’ – मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय स्थापित करते हुए 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर कार्य करें।
मुख्य सचिव ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर में हो रही वर्षा, प्रमुख नदियों के जलस्तर, भूस्खलन के कारण बंद मार्गों, प्रभावित क्षेत्रों में जारी राहत एवं बचाव कार्यों तथा बिजली, पेयजल एवं संचार सेवाओं की वर्तमान स्थिति का गहन ब्योरा लिया। उन्होंने आवश्यकतानुसार तुरंत रेस्क्यू अभियान संचालित करने के भी निर्देश दिए।
🔴 बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश:

- नुकसान का तत्काल आकलन और मुआवजा: मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश और अतिवृष्टि से हुई क्षति का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट शीघ्र उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) को भेजी जाए। इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्स्थापना कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी। साथ ही क्षतिग्रस्त संपत्तियों और जनहानि का नियमानुसार आकलन कर पीड़ितों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए।
- बुनियादी सुविधाओं की तत्काल बहाली: उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा या भूस्खलन की स्थिति में बाधित हुई बिजली आपूर्ति, पेयजल और संचार नेटवर्क को बहाल करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
- संवेदनशीलता और समन्वय पर बल: मुख्य सचिव ने सभी कार्यदायी संस्थाओं और विभागों को हिदायत दी कि विषम परिस्थितियों में पूरी सतर्कता, आपसी तालमेल और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।
