उत्तराखंड बद्रीनाथ धाम में बिना अनुमति सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाउडस्पीकर के प्रयोग पर चमोली डीएम सख्त, गढ़वाल स्काउट्स के सीओ को थमाया नोटिस,,,

देहरादून/गोपेश्वर। श्री बद्रीनाथ धाम की धार्मिक पवित्रता और मर्यादा के उल्लंघन के मामले में चमोली जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। धाम परिसर से सटे क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति के बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करने और तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने गढ़वाल स्काउट्स के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल शांतनु को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
🔴 मंदिर से सटे टूरिस्ट प्लाजा में हुआ था आयोजन

जानकारी के अनुसार, बद्रीनाथ धाम में मंदिर से सटे टूरिस्ट प्लाजा में 19 और 20 सितंबर को ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आधारित ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव’ आयोजित किया गया था। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में लोक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल थीं, जिसमें गायिका प्रियंका मेहर का भी एक संगीत कार्यक्रम हुआ था।
🔴 सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल
कार्यक्रम के दौरान तेज आवाज में बजे साउंड सिस्टम और जुटी भारी भीड़ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने गहरी आपत्ति जताई थी। लोगों का कहना था कि देश के सर्वोच्च आध्यात्मिक और शांत तीर्थ स्थलों में शामिल बद्रीनाथ धाम में इस प्रकार के उच्च ध्वनि वाले आयोजनों से धाम की दिव्यता और शांति प्रभावित होती है।
🔴 धार्मिक अनुष्ठानों और मर्यादा का दिया हवाला
जारी नोटिस में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्री बद्रीनाथ धाम करोड़ों लोगों की आस्था का सर्वोच्च केंद्र है, जहां की धार्मिक पवित्रता, गरिमा और शांति बनाए रखना अनिवार्य है। नोटिस में कहा गया है कि बिना अनुमति के हुए इस बड़े आयोजन और उच्च क्षमता वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल से मंदिर में नियमित रूप से चलने वाली पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में व्यवधान की स्थिति उत्पन्न हुई।
जिला प्रशासन ने कमांडिंग ऑफिसर से तत्काल यह स्पष्ट करने को कहा है कि बिना पूर्व अनुमति के धाम क्षेत्र में इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन क्यों और किन परिस्थितियों में किया गया।
