मेरठ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ बड़ा एक्शन, शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट सहित 16,726 अवैध निर्माण होंगे सील, MDA सचिव बर्खास्त, 9 दिसंबर को अगली सुनवाई,,,

मेरठ। आवासीय क्षेत्रों में दशकों से चल रहे अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) और जिला प्रशासन ने शास्त्रीनगर की प्रसिद्ध सेंट्रल मार्केट और उलदेपुर सहित आसपास के इलाकों में 16,726 अवैध निर्माणों को खाली कराकर सील करने और ध्वस्त करने की व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है।
🔴 तीन श्रेणियों में चिह्नित हुए अवैध निर्माण

अदालत के आदेश पर ज़ोन-ए में कराए गए विस्तृत सर्वे के बाद कुल 16,726 अनधिकृत संरचनाओं की पहचान की गई है:
- आवासीय निर्माण: 12,907
- व्यावसायिक निर्माण: 2,945
- मिश्रित निर्माण (आवासीय-सह-व्यावसायिक): 874
प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 30 से 40 वर्षों से नियमों की अनदेखी कर रिहाइशी भूखंडों पर बड़े पैमाने पर दुकानें, अस्पताल, क्लीनिक और निजी स्कूल संचालित किए जा रहे थे।
🔴 MDA सचिव पर गिरी गाज, न्यायिक आयोग गठित
सर्वोच्च अदालत की कड़ी फटकार के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही तय की गई है। लापरवाही बरतने के आरोप में मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के सचिव को पद से हटा दिया गया है।
इसके साथ ही, इतने बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माणों और अधिकारियों की मिलीभगत की निष्पक्ष जांच के लिए सेवानिवृत्त जस्टिस सुधांशु धुलिया की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। आयोग पूरे मामले की पड़ताल कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा।
🔴 9 दिसंबर को अगली सुनवाई

अदालत ने स्थानीय प्रशासन को सभी अवैध संरचनाओं को नियमानुसार सील करने और खाली कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को मुकर्रर की गई है, जिसमें प्रशासन को अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) प्रस्तुत करनी होगी।
