उत्तराखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण, 20 हजार फर्जी आपत्तियां खारिज, ऊधमसिंह नगर में 6 हजार आपत्तियों का मामला उजागर,,,,

देहरादून: उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान करीब 20 हजार आपत्तियां फर्जी पाई गई हैं, जिन्हें जांच के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ/एईआरओ) ने खारिज कर दिया है। इससे लगभग 20 हजार वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटने से बच गए हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला ऊधमसिंह नगर जिले में सामने आया, जहां एक ही व्यक्ति के नाम से दर्ज कराई गईं 6,000 आपत्तियों में से अधिकांश जांच में आधारहीन निकलीं।
🟢 फर्जी आपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई, सुरक्षित रहे 20 हजार वोट

निर्वाचन विभाग के सूत्रों के अनुसार, कई आपत्तियों में आपत्तिकर्ता का नाम और मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नंबर गलत पाए गए। दस्तावेजों और पहचान के अभाव में ईआरओ ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग ऐसे फर्जी शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करता है या नहीं।
सुनवाई में गैरहाजिर रहे 95 हजार मतदाता ‘अयोग्य’ सूची में
एसआईआर अभियान के दौरान प्रदेशभर से नाम हटाने से जुड़े कुल 1.73 लाख फॉर्म-7 प्राप्त हुए। इनमें स्वेच्छा से नाम कटवाने वाले आवेदकों के साथ-साथ 95,000 ऐसे मतदाता भी शामिल हैं, जिनके नाम पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, लेकिन वे नोटिस के बावजूद न तो सुनवाई में उपस्थित हुए और न ही कोई आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए।
- अनुपस्थित रहने वाले इन सभी 95 हजार मतदाताओं को ईआरओ स्तर पर अयोग्य घोषित कर स्वतः नाम विलोपन (फॉर्म-7) की श्रेणी में डाल दिया गया है।
- यदि इनमें से किसी का वोट त्रुटिवश कट गया है, तो वह स्वतः दोबारा नहीं जुड़ेगा; उन्हें पुनः मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरकर नए सिरे से आवेदन करना होगा।
🟢 यूपी सीमा से सटे 5 जिलों में दोहरे वोटों की छंटनी
प्रदेश में वर्तमान में डीएसई विद पीएसई (डेमोग्राफिकली सिमिलर एंट्रीज विद फोटो सिमिलर एंट्रीज) अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती उत्तराखंड के पांच जिलों के मतदाताओं का मिलान यूपी की मतदाता सूचियों से कराया जा रहा है, ताकि दोहरे मतों में से किसी एक को नियमानुसार हटाया जा सके।
🟢 3 अक्तूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
प्री-एसआईआर और एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान राज्य में अब तक करीब 13 लाख वोट काटे जा चुके हैं। विसंगतियों के संबंध में कुल 24 लाख नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें 19 लाख केवल नाम और विवरण की अशुद्धियों से संबंधित थे। पूरी प्रक्रिया के बाद 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
🟢 मुख्य निर्वाचन अधिकारी का देहरादून में स्थलीय निरीक्षण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने रायपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सारथी विहार में सुपर चेकिंग अभियान के तहत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने फार्म-7 के निस्तारण और दस्तावेजों की जमीनी पड़ताल की तथा आम जनता से अपील की कि 3 अक्तूबर के बाद सभी नागरिक अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम अनिवार्य रूप से जांच लें।
