भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर उतरा विपक्ष, देशभर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, वाटर कैनन का इस्तेमाल, कई नेता हिरासत में,,,,

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने देशव्यापी मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी ने राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में व्यापक और उग्र प्रदर्शन किया। वहीं जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे वामपंथी संगठनों और कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बीच चुनाव आयोग के विवादित फैसलों को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर भी पहुंच गया है।
🔴 देशभर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कई जगह पानी की बौछारें

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, ओडिशा, मणिपुर और गोवा सहित कई राज्यों की राजधानियों में सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के कार्यालयों का घेराव करने के लिए मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। पटना और चंडीगढ़ समेत कुछ अन्य स्थानों पर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रयोग करना पड़ा। हालांकि, पूरे प्रदर्शन के दौरान किसी गंभीर अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
🔴 जंतर-मंतर पर दीपांकर भट्टाचार्य, योगेंद्र यादव व मनोज झा हिरासत में

राजधानी के जंतर-मंतर पर वामपंथी छात्र संगठन आइसा (AISA) व अन्य नागरिक संगठनों ने बिना पूर्व अनुमति के प्रदर्शन करने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों से हटाया। हिरासत में लिए जाने वाले प्रमुख चेहरों में भाकपा-माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, वरिष्ठ एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव, आइसा अध्यक्ष नेहा, राजद सांसद मनोज झा, प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण, अवलीन भारद्वाज और नंदिता नारायण शामिल रहे।
🔴 सीईसी के फैसलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों की औपचारिक सहमति के बिना लिए गए फैसलों को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह ‘सामूहिक निर्णय’ के संवैधानिक नियमों का सीधा उल्लंघन है। याचिका में फॉर्म-6 में किए गए बदलावों, पश्चिम बंगाल में बिना आयुक्तों की सहमति के 16.10 लाख से अधिक अंतरण दावे निपटाने सहित अन्य निर्णयों को असंवैधानिक घोषित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त पर विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गई है।
🔴 2 अक्टूबर से ‘सीजेपी’ करेगी मुंबई से आंदोलन का आगाज

राजनीतिक दलों से इतर ‘कॉकसफोर जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने आगामी 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने शनिवार तक इस्तीफा नहीं दिया, तो गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई से उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। दिपके ने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि चुनावों में लगातार धांधली हो रही है, तो विपक्ष को चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करना चाहिए ताकि ऐसे चुनावों को वैधता न मिले।
🔴 जनता के मन की शंकाएं दूर करे चुनाव आयोग- चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री व लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष हमेशा राजनीतिक लाभ के अनुसार आरोप लगाता है, लेकिन यदि आम जनता का चुनावी प्रणाली पर से भरोसा डगमगाने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को सलाह दी कि वह राहुल गांधी के आरोपों पर भले ध्यान न दे, लेकिन देश की जनता के मन में उठ रहे संदेहों और शंकाओं का त्वरित समाधान अवश्य करे।
🔴चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण ‘जेन-जी’ के 3.27 करोड़ नए मतदाता जोड़े

ऑनलाइन फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता पुनरीक्षण (SSR) को लेकर लग रहे आरोपों पर निर्वाचन आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, पिछले साल जून में बिहार से शुरू हुई प्रक्रिया के बाद से देशभर में 18 से 28 वर्ष की आयु वर्ग के 3.27 करोड़ नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। वर्तमान में इस युवा आयु वर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 17.38 करोड़ हो चुकी है।
