उत्तराखंड के देवप्रयाग केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षक पर लगा छात्राओं से छेड़खानी का आरोप, पॉक्सो व बीएनएस में प्राथमिकी दर्ज, आरोपी शिक्षक निलंबित,,,,

देवप्रयाग। देवप्रयाग स्थित एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्राओं के साथ अश्लील हरकत और छेड़खानी का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शिक्षक को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
🔴 अगस्त माह की है यह घटना
मिली जानकारी के अनुसार, छेड़खानी की यह घटना 22 अगस्त को घटित हुई थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद संस्थान स्तर पर आंतरिक जांच समिति द्वारा पड़ताल की जा रही थी। इसी प्रक्रिया के चलते पुलिस को लिखित शिकायत सौंपने में करीब एक माह का विलंब हुआ। इसके बाद शिक्षण संस्थान प्रभारी द्वारा 21 सितंबर को थाने में नामजद तहरीर दी गई।
🔴 एक नाबालिग और एक बालिग छात्रा से अभद्रता का आरोप

तहरीर में शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी पर एक नाबालिग और एक बालिग छात्रा के साथ अमर्यादित आचरण तथा छेड़खानी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस को शिकायत मिलने के बाद प्रशासन तत्काल हरकत में आया और मामले की वैधानिक जांच तेज कर दी गई।
🔴 विश्वविद्यालय प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने निष्पक्ष जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करने और घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए डॉ. सूर्यमणि भंडारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संस्थान प्रभारी के अनुसार, जांच पूरी होने तक आरोपी शिक्षक को फिलहाल गेस्ट हाउस में स्थानांतरित किया गया है।
🔴 पुलिस कर रही साक्ष्यों के आधार पर जांच
मामले की जांच अधिकारी (एसएसआई) अनिता नेगी ने बताया कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है और सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात वर्ष से कम सजा वाले कानूनी प्रावधानों के तहत सीधे तौर पर तत्काल गिरफ्तारी का नियम नहीं होने के कारण, पॉक्सो एक्ट एवं बीएनएस के प्रावधानों के अंतर्गत साक्ष्यों के आधार पर विधि सम्मत और निष्पक्ष कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
