उत्तराखंड “सोशल मीडिया क्राइम अलर्ट ” इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार,,,,

हरिद्वार। कनखल कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत सोशल मीडिया के माध्यम से एक नाबालिग किशोरी से संपर्क बढ़ाकर उसके साथ दुष्कर्म करने और आपत्तिजनक वीडियो व फोटो वायरल करने की धमकी देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे माननीय न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
🔴 इंस्टाग्राम से हुई थी शुरुआत, ऐसे दिया गया घटना को अंजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनखल क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी से इंस्टाग्राम के जरिए अजय उर्फ गोलू (निवासी: नारायणवाला, थाना रेहड़, जिला बिजनौर) ने संपर्क साधा था। धीरे-धीरे दोनों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बातचीत बढ़ने लगी। बीते 24 मई को आरोपी अजय ने किशोरी से मिलने की इच्छा जताई और यह कहकर घर का पता मांगा कि वह हरिद्वार अपने भाई के पास आया हुआ है। जब परिजनों के घर पर नहीं होने की बात पता चली, तो उसने दबाव बनाकर किशोरी से पता लिया और उसके घर पहुंच गया, जहां उसने किशोरी को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया तथा मोबाइल से उसकी फोटो व वीडियो बना ली।
🔴 ब्लैकमेलिंग और वीडियो वायरल करने की धमकी
आरोप है कि दुष्कर्म के बाद आरोपी लगातार किशोरी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। विरोध करने पर वह धमकी देता था कि यदि घटना के बारे में किसी को बताया या पुलिस कार्रवाई की गई, तो वह उसके फोटो और वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल कर देगा। लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण पीड़िता भारी दबाव और डर में थी।
🔴 ऐसे हुआ मामले का खुलासा
घटना का खुलासा तब हुआ जब 15 सितंबर की शाम को किशोरी को लगातार रोता देख उसकी माँ ने उससे वजह पूछी। अपनी बेटी की आपबीती सुनने के बाद परिजनों के होश उड़ गए, जिसके तुरंत बाद वे कनखल कोतवाली पहुंचे और पुलिस को लिखित तहरीर दी।
🔴 पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी

सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किशोरी की माँ की तहरीर पर बुधवार शाम को ही संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर अभिभावकों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर पैनी नजर रखने की गंभीर सीख दी है।
