उत्तराखंड में यह पांच ग्लेशियर झीलें अतिसंवेदनशील घोषित, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने किये सुरक्षा के कड़े इंतजाम,,,

देहरादून: उत्तराखंड में जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते मिजाज के बीच राज्य की पांच ग्लेशियर झीलों को आपदा के लिहाज से अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल किया गया है। इनमें से चार झीलें नेपाल सीमा से लगे पिथौरागढ़ जिले में स्थित हैं, जबकि एक वसुधारा ग्लेशियर झील चमोली जिले में है। राज्य सरकार ने इन सभी झीलों की नियमित निगरानी शुरू कर दी है।
🔴 मौसम के बदलते ट्रेंड से बढ़ रहा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम के बदलते पैटर्न के कारण देश भर में ग्लेशियर झीलें अधिक संवेदनशील होती जा रही हैं। भूस्खलन और हिमस्खलन की घटनाओं से इन झीलों के फटने और अचानक बाढ़ आने का खतरा काफी बढ़ जाता है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राज्य प्रशासन ने संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।
🟢 तीन झीलों का प्राथमिक वैज्ञानिक सर्वेक्षण पूरा

पिछले दो वर्षों में राज्य की संवेदनशील झीलों में से तीन का प्रारंभिक सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, पहले चरण में चमोली की वसुधारा झील और इसके बाद पिथौरागढ़ की दो झीलों का सर्वे किया जा चुका है। शेष दो झीलों का सर्वेक्षण मई में बर्फ जमी होने के कारण टालना पड़ा था, जिसे अब सितंबर में बर्फ पिघलने के बाद पूरा किए जाने की योजना है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और चिंता की कोई बात नहीं है।
🔴 आपातकालीन सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
किसी भी आपात स्थिति से निपटने और प्रभावित लोगों के परिजनों को समय पर सूचना देने के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा 24 घंटे संचालित एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
- दूरभाष नंबर: 011-23088718, 023089719
- व्हाट्सएप मोबाइल नंबर: 9968291988
