चीनी के दामों ने देश में मचाया कोहराम, एक हफ्ते में भाव 44 से पहुंचा 65-70 रुपये किलो, त्यौहारों के सीजन में मिडिल क्लास/निम्न आय वर्ग के लोगों का बिगड़ा बजट,,,,,
देहरादून। देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब स्थानीय बाजारों पर भी साफ दिखने लगा है। क्षेत्र में चीनी का खुदरा भाव बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है, जबकि कुछ दुकानों पर व्यापारी ग्राहकों से 70 रुपये प्रति किलो तक वसूल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि महज एक सप्ताह पहले तक चीनी के दाम 44 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहे थे, लेकिन पिछले एक हफ्ते में ही कीमतों में 21 से 26 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

🔴 उत्तराखंड में चीनी की जमाखोरी पर सरकार का शिकंजा
बाजार में चीनी की सुचारू उपलब्धता बनाए रखने और कारोबारियों द्वारा जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करके कीमतों को प्रभावित करने की कोशिशों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने प्रदेश के सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निगरानी रखने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
🟢 अधिकतम 15 दिन की स्टॉक सीमा तय
नए नियमों के अनुसार, उत्तराखंड में बड़े थोक खरीदार अब अपनी जरूरत के हिसाब से अधिकतम केवल 15 दिन का ही चीनी स्टॉक रख सकेंगे। यदि इससे ज्यादा चीनी जमा पाई जाती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह नियम उन बड़े खरीदारों पर विशेष रूप से लागू होगा, जो उत्पादन, उपभोग या कच्चे माल के रूप में हर महीने 10 मीट्रिक टन या उससे अधिक चीनी की खपत करते हैं। ऐसे संस्थानों और कारोबारियों को गोदाम में तय सीमा से अधिक चीनी रखने से पहले सोचना होगा।
🟢 मिल से लेकर गोदाम तक होगी कड़ी निगरानी
सरकार की यह निगरानी केवल गोदामों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चीनी मिलों से बड़े उपभोक्ताओं को हर महीने बेची जाने वाली चीनी का भी बारीकी से सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही, जिला स्तर पर स्टॉक का समय-समय पर भौतिक सत्यापन करने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
🟢 आम जनता को राहत देने के लिए अहम कदम
गौरतलब है कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे पहला और सीधा असर आम आदमी की रसोई पर पड़ता है। इसके अलावा मिठाई, बेकरी, चाय-कॉफी, होटल और अन्य खाद्य कारोबारों की लागत भी प्रभावित होती है। ऐसे में बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने या जमाखोरी की कोशिशों को रोकने के लिहाज से सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खाद्य आयुक्त बीएल राणा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश से सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को पूरी तरह अवगत करा दिया गया है। स्टॉक सीमा के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा और निर्धारित नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
