उत्तराखंड देहरादून मालदेवता में सास-बहू की जोड़ी ने राखी कारोबार से मचाई धूम, स्वरोजगार से लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत,,,

देहरादून। रक्षाबंधन के पर्व पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं ने हुनर को कारोबार में बदलकर आत्मनिर्भरता की शानदार मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के सहयोग से रायपुर, सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाएं हैंडमेड राखियां तैयार कर स्थानीय बाजार से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बना रही हैं।
इस मुहिम में रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र की सास-बहू लीला रावत और अलका रावत की जोड़ी सबसे खास चर्चाओं में है। नई दिशा महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत ‘आशा किरण स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ी इन दोनों महिलाओं ने मिलकर ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ नाम से दुकान शुरू की है। अलका ने पिछले साल अपनी प्राइवेट नौकरी छोड़कर सास लीला के साथ स्वरोजगार की इस राह को चुना। पिछले साल 1,200 राखियां बेचकर 25 हजार रुपये का मुनाफा कमाने वाली इस जोड़ी ने इस साल 2,000 से अधिक राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से वे अब तक करीब 1,500 राखियां बना चुकी हैं। उनकी यह राखियां इंस्टाग्राम जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी ग्राहकों तक पहुंच रही हैं।
🟢 पारंपरिक से लेकर आधुनिक डिजाइनों की धूम
समूह की महिलाओं द्वारा ऊन, क्रोशिया, मौली के धागे और रिबन जैसी सामग्रियों का उपयोग करके आकर्षक राखियां तैयार की जा रही हैं। इनमें भैया दूज, महाकाल, रुद्राक्ष और नजरबट्टू जैसे पारंपरिक व आधुनिक डिजाइन शामिल हैं। डिजाइनिंग से लेकर पैकेजिंग और प्रचार तक का सारा काम महिलाएं खुद ही संभाल रही हैं।
🟢 सहसपुर और डोईवाला में भी बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाएं भी बढ़-चढ़कर राखी निर्माण में जुटी हैं। डोईवाला की गायत्री क्लस्टर के तहत करीब 100 महिलाएं राखियां बना रही हैं, जिनकी बिक्री रायवाला और श्यामपुर के बाजारों में हो रही है। वहीं, सहसपुर ब्लॉक की सक्षम क्लस्टर की महिलाएं भी सेलाकुई, विकासनगर और सहसपुर क्षेत्र में अपने उत्पादों के जरिए शानदार कारोबार कर रही हैं।
🟢 सचिवालय और दून के प्रमुख मॉलों में लगेंगे स्टॉल
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन देहरादून के 3-4 प्रमुख मॉलों में उनके स्टॉल लगवा रहा है। इसके साथ ही, सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार 24 से 27 अगस्त तक उत्तराखंड सचिवालय में पांच विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां महिलाएं राखियों के साथ अपने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगी। प्रशासन ने आम जनता से इन हस्तनिर्मित उत्पादों को खरीदकर ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की अपील की है।
