उत्तराखंड ऋषिकेश मंडी में पार्किंग की जगह बिक गईं दुकानें, जाम से बेहाल व्यापारी और ग्राहक, विरोध में उतरा विक्रेता संघ,,,

ऋषिकेश/देहरादून: हरिद्वार रोड स्थित कोयलघाटी के पास कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में पार्किंग की विकराल समस्या को लेकर व्यापारियों और आम ग्राहकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि मंडी समिति के पदाधिकारियों ने अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में पार्किंग के लिए निर्धारित भूमि पर ही दुकानों का निर्माण करा दिया और उन्हें लाखों रुपये में बेच दिया। इस कदम के चलते आज पूरे मंडी परिसर में वाहनों के खड़े होने के लिए रत्ती भर जगह नहीं बची है।
पार्किंग स्थल समाप्त होने के कारण उत्तर प्रदेश से सब्जी लेकर आने वाले भारी ट्रकों के साथ-साथ टिहरी, देहरादून, पौड़ी और हरिद्वार से पहुंचे थोक व्यापारियों व शादी-समारोहों के लिए खरीदारी करने आए ग्राहकों को रोजाना भीषण जाम और अव्यवस्था से जूझना पड़ रहा है। प्रतिदिन बाहर से आने वाले दर्जनों ट्रक पार्किंग की जगह न होने के कारण हरिद्वार मार्ग पर ही खड़े रहने को मजबूर हैं। परिसर के भीतर किसी एक वाहन के निकलने पर ही दूसरे को प्रवेश की जगह मिल पाती है। इस बीच छोटे वाहनों के बेतरतीब घुसने से आने-जाने का मुख्य रास्ता पूरी तरह ठप हो जाता है।
स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि कई व्यापारी और ग्राहक अपने वाहनों को मंडी से किलोमीटर दूर खड़ा करने के बाद रेहड़ी व ठेलियों में सामान लादकर ले जाने को मजबूर हैं।
🔴 “पार्किंग स्थल बेचकर कमाया मुनाफा, राहगीर परेशान”
“पहले मंडी परिसर में तीन से चार स्थानों पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन मंडी प्रशासन ने धीरे-धीरे उन स्थानों को समाप्त कर दुकानें खड़ी कर दीं। समिति पदाधिकारियों ने पार्किंग की जमीन पर बनी इन दुकानों को लाखों रुपये में बेचकर अपना फायदा साधा है। पार्किंग न होने से व्यापारियों और आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। प्रशासन को तत्काल वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए।”- राजू गुप्ता, अध्यक्ष, फुटकर मंडी सब्जी विक्रेता संघ
🟢 मंडी समिति की सफाई
आरोपों पर सफाई देते हुए कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव राम कालाकोटी ने कहा कि पार्किंग के लिए दूसरी जगह आवंटित की गई है। उन्होंने तर्क दिया कि गेस्ट हाउस की खाली जगह पर दुकानें बनने से मंडी समिति को राजस्व की प्राप्ति होगी।
