उत्तराखंड ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में गंगा पर पुल का निर्माण हुआ पूरा, अब ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफर होगा आसान,,,

ऋषिकेश: उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने इस परियोजना के तहत गंगा नदी पर बनाए जा रहे एकमात्र रेल पुल को सफलतापूर्वक ‘लांच’ (दोनों ओर के पिलर को जोड़ना) कर दिया है। इस उपलब्धि के साथ ही अब पुल को अंतिम स्वरूप देने का काम शुरू हो गया है। यह पुल रेल लाइन को टिहरी जिले से पौड़ी जिले से जोड़ने का कार्य करेगा।
🟢 सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है परियोजना
गढ़वाल मंडल को देश के शेष हिस्सों से रेल नेटवर्क के जरिए जोड़ने के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य गढ़वाल क्षेत्र को एक सुरक्षित और विश्वसनीय ‘ऑल वेदर’ (हर मौसम) रेल संपर्क प्रदान करना है, जिससे क्षेत्र की बार-बार भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम हो सकेगी। इस परियोजना में देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली समेत कुल पांच जिले शामिल हैं।
🟢 पुल से मिलेंगी यह मुख्य सेवाएं
- गंगा पर एकमात्र पुल: यह परियोजना का गंगा नदी पर बना इकलौता पुल है। बाकी पुल गंगा की सहायक नदियों पर स्थित हैं।
- संरचना: पुल का मुख्य स्पान 125 मीटर का है, जबकि सहायक स्पान 32 मीटर का है।
- सड़क संपर्क: रेल ब्रिज के साथ-साथ स्टेशनों तक पहुंच के लिए रोड ब्रिज का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
🟢 ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफर होगा आसान
125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की लगभग 83 प्रतिशत यानी 104 किलोमीटर लंबाई सुरंगों से होकर गुजरेगी। इसमें 16 मुख्य सुरंगें और 12 निकास सुरंगें शामिल हैं। परियोजना पूरी होने पर ऋषिकेश से कर्णप्रयाग की यात्रा का समय वर्तमान के लगभग छह घंटे से घटकर मात्र 2.5 घंटे रह जाएगा। कर्णप्रयाग में परियोजना का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन विकसित किया जा रहा है, जहाँ 26 लाइनें बिछाई जाएंगी और इसे एक प्रमुख टर्मिनस के रूप में तैयार किया जाएगा।
🟢 लक्ष्य, जून 2028 तक ब्यासी और 2029 तक कर्णप्रयाग पहुंचेगी ट्रेन
आरवीएनएल ने इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है:
- प्रथम चरण: योगनगरी ऋषिकेश से ब्यासी (27.69 किमी) तक जून 2028 तक ट्रेन संचालन की योजना है।
- द्वितीय चरण: ब्यासी से कर्णप्रयाग (92.60 किमी) तक दिसंबर 2029 तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य है।
लगभग 37 हजार करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में 19 प्रमुख पुल हैं, जिनमें से आठ पर काम पूरा हो चुका है। आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक (सिविल), ओपी मालगुड़ी ने बताया कि गंगा पर रेल पुल को लांच कर दिया गया है और परियोजना के अन्य कार्यों को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
