उत्तराखंड उत्तरकाशी में थमी बरसात पर पहाड़ों का दरकना लगातार जारी, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर बढ़ा खतरा, स्कूली बच्चों की जान जोखिम में,,,

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में पिछले तीन दिनों से बारिश कम होने के बावजूद भू-धंसाव और पहाड़ दरकने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार आ रहे मलबे और सड़क धंसने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता व्याप्त है।
1. गंगोत्री हाईवे पर 70 मीटर हिस्सा धंसा, बीआरओ ने संभाला मोर्चा
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास हाईवे का करीब 70 मीटर हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क धंसने से इसमें बड़ी-बड़ी दरारें उभर आईं, जिसके कारण लगभग दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्से में मिट्टी भरकर यातायात को किसी तरह सुचारू किया। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि क्षेत्र में दोबारा तेज बारिश होती है, तो यह स्थान एक बड़े भू-धंसाव का शिकार हो सकता है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर संपर्क पूरी तरह टूट सकता है।
2. भटवाड़ी से हेल्गूगाड़ तक पुराना और गंभीर संकट
भटवाड़ी से हेल्गूगाड़ तक का क्षेत्र लंबे समय से संवेदनशील भू-धंसाव जोन रहा है। वर्ष 2010 में भी भटवाड़ी बाजार के पास हाईवे भू-धंसाव की चपेट में आ गया था, जिससे बड़ी दरारें पड़ने के साथ कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हुआ था। वर्षों बीत जाने के बावजूद इस स्थायी खतरे का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
🔴 विशेष चेतावनी – कांवड़ यात्रा पर मंडराता संकट
वर्तमान में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। ऐसे में यदि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई मुख्य हिस्सा पूरी तरह वॉशआउट (बह) जाता है, तो न केवल कांवड़ यात्रियों बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी आवागमन गंभीर संकट में पड़ जाएगा।
3. यमुनोत्री हाईवे और कुपड़ा गांव की दुर्दशा
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी स्थिति कम चिंताजनक नहीं है। श्याना चट्टी और सिलाई बैंड के पास बिना बारिश के भी बार-बार पहाड़ दरक रहे हैं, जिससे मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। श्याना चट्टी के पास कुपड़ा गांव को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण कुपड़ा गांव के छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते कुपड़ा गाड़ के पानी और दलदली हिस्से को पार करके स्कूल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
🔴 स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें

- स्थायी सुरक्षा कार्य: गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी संवेदनशील स्थानों पर युद्ध स्तर पर स्थायी सुरक्षा कार्य कराए जाएं।
- वैकल्पिक मार्ग का निर्माण: कुपड़ा गांव के स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए तुरंत एक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाए।
- प्रशासनिक चौकसी: संभावित बड़े भू-धंसाव को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद रखा जाए।


