उत्तराखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, ERO के खिलाफ अपील की स्पष्ट व्यवस्था, 24 लाख से अधिक मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिस,,,

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दूसरे चरण के तहत मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपील की स्पष्ट व्यवस्था की है।
“ड्राफ्ट सूची में शामिल हुए 71 लाख से अधिक मतदाता, बीएलओ के माध्यम से बूथ स्तर पर शुरू हुई सुनवाई”
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में गुरुवार को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने यह बात साझा की।
🟢 प्रथम चरण के आंकड़े और ड्राफ्ट सूची
- प्रथम चरण पूरा होने के बाद प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं।
- अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम और अन्य विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान कर लें।
- जिन मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाई गई है या जिन्होंने आवश्यक जानकारी पूरी नहीं भरी है, ऐसे 24 लाख से अधिक मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
🟢 बूथ स्तर पर सुनवाई और अपील की प्रक्रिया
नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में एईआरओ और ईआरओ की देखरेख में बूथ स्तर पर ही सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
यदि कोई मतदाता दावे व आपत्तियों के बाद निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो अपील के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया निर्धारित की गई है:
- प्रथम अपील: ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट मतदाता दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में अपील कर सकेंगे।
- द्वितीय अपील: यदि मतदाता जिलाधिकारी के निर्णय से भी संतुष्ट नहीं होते हैं, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में दूसरी अपील की जा सकेगी।
🟢 महत्वपूर्ण तिथियां और फॉर्म विवरण
आयोग ने नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न फॉर्म के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया तय की है:
- दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की तिथि: 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक (फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 के माध्यम से)।
- निस्तारण की अवधि: 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक।
- फार्म-6: जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे इसके जरिए अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
- फार्म-7: इसके माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
- फार्म-8: इसके जरिए विवरण में आवश्यक संशोधन कराया जा सकता है।
