उत्तराखंड देहरादून में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया तेज, 19 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी, बीएलओ से संपर्क करने की अपील,,,,

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण और संशोधन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को इस प्रक्रिया में न्यूनतम असुविधा पहुंचाना है, जिसके लिए मतदाता सूचियां बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से लेकर तहसील और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) कार्यालय तक उपलब्ध कराई गई हैं।
- नए आवेदन और संशोधन: नागरिक अपने नए वोट बनवाने, मतदाता सूची में विवरण दुरुस्त कराने (करेक्शन) या नाम हटवाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
- नोटिस और विसंगतियां: मतदाता सूची में पाई गई विसंगतियों के मद्देनजर राज्यभर में लगभग 19 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
- मैपिंग की स्थिति: विभाग के अनुसार, लगभग 5.26 लाख मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसे सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक प्रपत्र भरें।
🟢 जिलों में नोटिस जारी करने की प्रगति
विभिन्न जिलों में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चल रही है:
- अग्रणी जिले: अल्मोड़ा में लगभग 80%, चम्पावत में 62% और पौड़ी गढ़वाल में 51% नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
- प्रारंभिक चरण वाले जिले: टिहरी में 4.7%, उत्तरकाशी में 4.8% और रुद्रप्रयाग में 5.5% नोटिस अब तक जारी हुए हैं।
🟢 निस्तारण की प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन सभी मामलों की सुनवाई सीधे बूथ स्तर पर की जाएगी। इसके पश्चात, बीएलओ अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर उसे बीएलओ ऐप पर अपलोड करेंगे।
सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा इसके लिए एक रोस्टर तैयार किया जाएगा। यदि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बीएलओ की रिपोर्ट से संतुष्ट होते हैं, तो संबंधित प्रकरण का निस्तारण मौके पर ही कर दिया जाएगा।
